बारिश के बीच जुलूस, खैराचातर को प्रखंड व् किसानों को ₹10 हजार पेंशन की मांग
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा कसमार प्रखंड कमेटी ने एक सितंबर को लगातार बारिश के बीच प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार कसमार के तीन कोनिया चौक से निकला जुलूस प्रखंड मुख्यालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान खैराचातर को अलग प्रखंड का दर्जा देने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने तथा किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने समेत 12 सूत्री मांगें उठाई गई।
प्रखंड मुख्यालय के समक्ष आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंचानन महतो ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पूरी जिंदगी खेती में मेहनत करने वाले किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग की।
प्रखंड अध्यक्ष दिवाकर महतो ने कहा कि खैराचातर को अलग प्रखंड बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। अलग प्रखंड बनने से उक्त क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर जाने की परेशानी कम होगी। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों के लिए किसान सभा आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।
प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चंद्र महाराज ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के रहिवासी लंबे समय से कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहर है, जिन पर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
मौके पर मौजूद महेंद्र मुंडा ने कहा कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलना चाहिए। चुंबन महतो ने कहा कि ग्रामीणों की जमीन और प्रशासनिक समस्याओं का शीघ्र समाधान जरूरी है। उन्होंने किसानों के हित में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। साधुचरण गोस्वामी ने कहा कि पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद किसानों तक समय पर पहुंचना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की मांग की। बढ़न राम महतो ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना गांवों का विकास संभव नहीं है। उन्होंने किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग की।
रहवाड़ी राम आदर्श सिंह ने कहा कि किसानों की उपज का उचित मूल्य मिलना उनका अधिकार है। सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
धनंजय शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाने के लिए लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। पोखन महतो ने कहा कि वृद्ध किसानों के लिए सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने किसान हित में 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग का समर्थन किया। अनंत कुमार सिन्हा ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सड़क, प्रशासनिक सुविधा और रोजगार से जुड़े मुद्दों का समाधान जरूरी है।
महादेव महतो ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की। रामेश्वर महतो ने कहा कि ग्रामीणों को जमीन से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे मामलों के लिए विशेष शिविर लगाकर समाधान किया जाना चाहिए।
भीखन महतो ने कहा कि किसानों और गरीबों को मिलने वाली पेंशन की बकाया राशि का जल्द भुगतान किया जाना चाहिए। मदन महतो ने कहा कि गैरमजरूआ जमीन, लगान रसीद और जमाबंदी से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीण हरिनारायण महतो ने कहा कि खनन, क्रशर और ईंट-भट्ठों में संबंधित कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों के अधिकार और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहें।
प्रदर्शन व् सभा के बाद किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ को 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने, वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन की बकाया राशि का भुगतान करने तथा पेंशन की राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की मांग की गई।
इसके अलावा गैरमजरूआ जमीन को लैंड बैंक से मुक्त कर लगान रसीद जारी करने, कसमार-मंजूरा आईटीआई भवन में प्रशिक्षण शुरू कराने, ग्राम कचहरी व्यवस्था पुनः बहाल करने, ऑनलाइन जमाबंदी की छूटी प्रविष्टियों और दाखिल-खारिज मामलों का कैंप लगाकर निष्पादन करने की मांग की गई।
किसान सभा ने खनन, क्रशर एवं ईंट-भट्ठों में खान एवं खनिज, श्रम तथा पर्यावरण संबंधी कानूनों का पालन सुनिश्चित कराने की भी मांग रखी।
ज्ञापन में गर्री मार्केट कॉम्प्लेक्स के स्थल परिवर्तन से जुड़े 4.41 करोड़ रुपये के मामले में कार्रवाई, जैनामोड़-ओरमांझी मार्ग पर कसमार क्षेत्र में इंटरचेंज तथा वाराणसी-कोलकाता एनएच-6 के तहत बगियारी में इंटरचेंज निर्माण की मांग भी उठाई गई। लगातार भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शन में किसान सभा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की अच्छी भागीदारी रही। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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