बज्जिका के वैश्विक प्रचार के लिए मिला सम्मान
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। भारत के पड़ोसी देश नेपाल की राजधानी काठमांडू में 9 से 12 अगस्त तक आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा पत्रकारिता सम्मेलन में बिहार के वरिष्ठ पत्रकार डॉ शशि भूषण कुमार को सम्मानित किया गया। वैशाली जिला रहिवासी डॉ कुमार को लोकतंत्र की प्रथम धरती वैशाली की मातृभाषा बज्जिका के संरक्षण, संवर्धन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन नेपाल के कानून, न्याय तथा संसदीय मामलों की मंत्री सोविता गौतम ने किया। इस अवसर पर नेपाल के सांसद, नगर प्रमुख, पत्रकार, भाषाविद और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन में नेपाल, भारत, बांग्लादेश, भूटान और सऊदी अरब सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
नेपाल में सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ कुमार ने 11 अगस्त को भेंट में कहा कि बज्जिका केवल एक भाषा नहीं, बल्कि वैशाली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत की पहचान है। उन्होंने कहा कि बज्जिका को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना मेरा निरंतर मिशन है। कहा कि मातृभाषा के माध्यम से ही किसी देश की संस्कृति और सभ्यता को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से रखा जा सकता है। वैशाली भगवान महावीर की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि रही है, ऐसे में अहिंसा, शांति और मानवता के संदेश को मातृ भाषाओं के माध्यम से विश्व तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है।
इस अवसर पर भारत से आए प्रतिनिधिमंडल में अजीत कुमार, कृष्ण मोहन कुमार सहित अन्य सदस्य तथा वीरगंज से पत्रकार शैलेश कुमार भी उपस्थित रहे। आयोजकों की ओर से सभी प्रतिनिधियों को लव टोकन स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया।
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