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मानव-हाथी संघर्ष रोकने को सुरक्षित किए जाएंगे गलियारा, डीसी ने दिए निर्देश

बोकारो के तेलमच्चो में 280 मीटर क्षेत्र में विकसित होगा घाट व रिवरफ्रंट

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को कम करने और हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों को सुरक्षित रखने को लेकर जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने 11 अगस्त को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने, समय पर आमजनों को सूचना देने, जंगलों में भोजन-पानी की उपलब्धता बढ़ाने तथा विकास कार्यों के दौरान हाथियों के रास्तों को बाधित नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला के हद में गोमिया क्षेत्र में हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया है। लुगुबुरू, झुमरा पहाड़ के निचले क्षेत्र, मिर्जापुर एवं तेनुघाट डैम के आसपास के इलाकों को हाथियों के प्रमुख आवागमन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। कहा गया कि लुगुबुरू से हजारीबाग की ओर जाने वाले मार्ग पर भी निगरानी रखी जा रही है।

कहा गया कि हाथियों के गतिविधियों की समय पर जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए कैमरे, थर्मल कैमरा, सूचना संदेश और सायरन की व्यवस्था की जा रही है। कहा गया कि गोमिया क्षेत्र में लगभग छह कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि इनके संचालन के लिए लालपनिया में नियंत्रण कक्ष बनाया जा रहा है।

बैठक में डीसी ने निर्देश दिया कि सड़क, पुल, राजमार्ग, खनन अथवा अन्य निर्माण कार्यों के दौरान हाथियों के पारंपरिक रास्ते प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने जरूरत के अनुसार अंडरपास या ओवरब्रिज जैसी व्यवस्था करने तथा हाथियों के रास्ते में निर्माण सामग्री व मलबा नहीं रखने का निर्देश दिया।
बैठक में हाथियों को जंगल के भीतर ही पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए बांस एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधों का अधिक से अधिक रोपण करने पर भी जोर दिया गया। कहा कि मिर्जापुर एवं तेनुघाट डैम के आसपास लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में बांस लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने का भी सुझाव दिया गया।

डीसी ने बोकारो, रामगढ़ और हजारीबाग समेत आसपास के जिलों के बीच हाथियों की गतिविधियों की सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा, ताकि हाथियों की मौजूदगी की सूचना समय रहते दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाई जा सके। बैठक में नमामि गंगे के तहत जिला के हद में चास प्रखंड के तेलमोच्चो पुल के समीप प्रस्तावित घाट एवं रिवरफ्रंट विकास योजना की भी समीक्षा की गई। कहा गया कि लगभग 280 मीटर क्षेत्र में घाट, पैदल पथ, पार्किंग, प्रवेश द्वार, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए खुला स्थान, सेल्फी प्वाइंट, प्रतीक्षालय, महिला-पुरुष शौचालय, चेंजिंग रूम एवं हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है।

कहा गया कि रिवरफ्रंट में बोकारो की औद्योगिक पहचान के साथ झारखंड की संस्कृति, सोहराय कला और दामोदर नदी से जुड़ी जानकारी को प्रदर्शित किया जाएगा। योजना में जल निकासी एवं हरियाली का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में बोकारो के वन क्षेत्र पदाधिकारी (डीएफओ) नीतीश कुमार, संलग्न पदाधिकारी संदीप शिंदे, डीडीसी शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार, जिला खनन पदाधिकारी रवि कुमार, नमामि गंगे के नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों एवं कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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