सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी प्रखंड के गुवा क्षेत्र के नुईया गांव में आदिवासी समुदाय के रहिवासियों ने 5 अप्रैल को पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मागे परब मनाया। इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार मागे परब के मौके पर जिला के हद में जगन्नाथपुर, चाईबासा तथा दुरदरा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी मेहमान नुईया पहुंचे और इस पारंपरिक पर्व में शामिल होकर खुशी साझा की। दूर-दराज से आए रहिवासियों की मौजूदगी ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। इस दौरान बच्चे, बूढ़े, युवक और महिलाएं सभी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया।
बताया जाता है कि पूरे नुईया गांव में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा। वहीं गांव के पुजारी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस पर्व के माध्यम से आदिवासी समुदाय ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। ज्ञात हो कि मागे परब का यह आयोजन आदिवासी समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का संदेश देता है।
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