ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट बांध विस्थापित संघर्ष मोर्चा मिर्जापुर ने बोकारो जिला उपायुक्त के नाम पत्र लिखकर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तेनुघाट बांध परियोजना से विस्थापित 448 परिवारों को आवंटित पुनर्वास भूमि की रसीद निर्गत करने की मांग की गयी है।
बताया जाता है कि मोर्चा द्वारा बीते 27 जुलाई को दिए गए पत्र में बताया गया है कि तेनुघाट बांध का निर्माण वर्ष 1965 में शुरू होकर 1972 में पूरा हुआ था। इस दौरान बोकारो जिला के हद में पेटरवार, गोमिया और रामगढ़ जिला के हद में गोला प्रखंड की 17,434 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसमें 2162 परिवार विस्थापित हुए थे, जिनमें से 448 परिवारों को 5 पुनर्वास स्थलों पर बसाया गया था। इन 5 पुनर्वास स्थलों में बसाया गया जिसमें मिर्जापुर, पतकी, गागा, हारदियामो एवं चुड़ो शामिल है।
मोर्चा के मोर्चा अध्यक्ष उमाचरण रजवार ने बताया कि विस्थापितों को वर्ष 1990 में रांची के धुर्वा स्थित पुनर्वास कार्यालय से पुनर्वास पर्चा तो मिल गया था, लेकिन उस समय से आज तक इन जमीनों की रसीद निर्गत नहीं की गई है। कहा कि वन विभाग की बैठक में बनी सहमति पत्र में उल्लेख है कि बीते 24 जुलाई को वन विभाग द्वारा मिर्जापुर के काली मंदिर में एक बैठक रखी गई थी। इसमें डीएफओ, रेंजर, वनरक्षी और विस्थापित ग्रामीण रहिवासी शामिल हुए थे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 448 विस्थापित परिवारों की रसीद निर्गत करने की अनुमति दी जाए। तेनुघाट बांध विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष उमाचरण रजवार और सचिव रविशंकर कुमार ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि पुनर्वास पर्चा की रसीद निर्गत कराने की अनुमति प्रदान की जाए। मोर्चा ने कहा है कि इससे विस्थापित परिवारों को अपनी जमीन पर कानूनी अधिकार मिल सकेगा। मौके पर दर्जनों विस्थापित परिवार मौजूद थे।
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