सारण जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूर्व केंद्रीय मंत्री व् सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने 7 अप्रैल को दिशा की बैठक में कहा कि सोनपुर सहित सारण जिले में ग्रामीण सड़कों के निर्माण में मानक से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और संवेदक पर कठोर कार्रवाई होगी।
रूडी सारण जिला मुख्यालय छपरा के समाहरणालय सभा कक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की उच्च स्तरीय बैठक में अपने अध्यक्षीय संबोधन में बाते कही। बैठक में जिले के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में भू-अर्जन और मुआवज़ा भुगतान में पारदर्शिता बरतने एवं सभी परियोजनाओं की समेकित सूची सदस्यों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। मुआवज़ा भुगतान की वर्तमान स्थिति और शेष भुगतान के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित करने को कहा गया। पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में कहा गया कि जिले की सरकारी भूमि पर स्थित वृक्षों की जीयो टैगिंग अनिवार्य होगा एवं वृक्षारोपण की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
बैठक में शहरी विकास के तहत अमृत 2.0 और जलापूर्ति पर भी चर्चा की गयी। नगर निगम छपरा के 9,951 घरों में पाइपलाइन से जल पहुँचाने का कार्य उच्च प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए स्थानीय पार्षदों और विधायकों के फीडबैक के आधार पर सूची में संशोधन कर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा बैठक में बुनियादी ढांचा और विभागीय समन्वय पर भी चर्चा की गयी, जिसके तहत रेलवे से संबंधित लंबित योजनाओं की सूची सांसदों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि केंद्र स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो सके। कहा गया कि सड़क खुदाई के बाद मरम्मत की जिम्मेदारी उसी विभाग की होगी, जिसने कार्य कराया है।
दिशा की बैठक में सारण जिले में 3-4 स्थानों पर क्लस्टर आधारित सूखा कचरा प्रबंधन केंद्र विकसित करने की बात कही गयी। साथ ही, विशेष बैठक में विद्यालयों की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने हेतु पैमाइश और त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया गया। कहा गया कि शिक्षण संस्थानों (पॉलिटेक्निक, कॉलेज) की समस्याओं पर चर्चा के लिए मई के प्रथम सप्ताह में अलग से बैठक बुलाई जाएगी।

ऊर्जा और नागरिक सुविधाओं पर भी चर्चा की गयी। जिले के 4,300 घरों में लंबित पीएनजी कनेक्शनों को तत्काल लाइव करने और आईओसीएल को कवरेज बढ़ाने का निर्देश दिया गया। दिशा की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध व्यावसायिक निर्माण और बिना भूमि परिवर्तन के चल रहे प्रतिष्ठानों पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। धान अधिप्राप्ति में सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। पेंशन योजनाओं और जीविका समूहों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों को निर्देशित किया गया।
दिशा की महत्वपूर्ण बैठक में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल (सह-अध्यक्ष) सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें विधान पार्षद डॉ वीरेन्द्र नारायण यादव, सच्चिदानंद राय, डॉ सुनील कुमार सिंह, विधायक जनक सिंह, मनोरंजन सिंह, विनय कुमार सिंह, सुरेंद्र राम, छोटी कुमारी, करिश्मा, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, स्थानीय निकाय महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता, जिला परिषद अध्यक्षा जयमित्रा देवी आदि शामिल थे।
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