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हताशा में दलित नेतृत्व को निशाना बना रही है राजद-विजय शंकर नायक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। राजनीतिक हताशा में दलित नेतृत्व को निशाना बना रही है राजद। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू पर अनर्गल आरोप बर्दाश्त योग्य नहीं है। यह पूरे दलित समाज के सम्मान और सामाजिक न्याय की विचारधारा पर हमला है। उक्त बाते झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने एक विशेष भेंट में कही।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू के विरुद्ध राजद के कुछ नेताओं द्वारा की जा रही आधारहीन एवं अमर्यादित बयानबाज़ी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक हताशा में एक सम्मानित दलित नेतृत्व को निशाना बनाना केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की विचारधारा और दलित समाज के सम्मान पर भी आघात है।

नायक ने कहा की राजद नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि के. राजू कोई सामान्य राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (भा.प्र.से.) के सम्मानित, ईमानदार और जन पक्षधर अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन में ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता, शिक्षा और गरीबों के अधिकारों के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर संविधान, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को कांग्रेस के माध्यम से आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि के. राजू अनुसूचित जाति समाज से आने वाले ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने संघर्ष, प्रतिभा और ईमानदारी के बल पर राष्ट्रीय पहचान बनाई। कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनके प्रशासनिक अनुभव, स्वच्छ छवि और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए झारखंड जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और गरीबों के अधिकारों को मजबूत करने वाली अनेक ऐतिहासिक नीतियों और कानूनों के निर्माण तथा क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भेंट में नायक ने बताया कि देश में गरीबों को रोजगार का अधिकार देने वाला मनरेगा, शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला सूचना का अधिकार कानून, बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार कानून तथा गरीब परिवारों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून जैसी ऐतिहासिक जनकल्याणकारी पहलों के नीति-निर्माण और प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में के. राजू का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन कानूनों ने देश के करोड़ों गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। ऐसे जनसेवी व्यक्तित्व पर बिना किसी प्रमाण के आरोप लगाना राजनीतिक दिवालियापन और हताशा का स्पष्ट प्रमाण है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि झारखंड में संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा इंडिया गठबंधन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए के. राजू निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके खिलाफ व्यक्तिगत एवं अमर्यादित टिप्पणियां कांग्रेस के लाखों खासकर दलित समाज की भावनाओं का अपमान है। राजद के नेताओं को पहले आत्ममंथन करना चाहिए कि झारखंड में उनका संगठन लगातार क्यों कमजोर हुआ, जनता का विश्वास क्यों कम हुआ और उनकी राजनीतिक भूमिका क्यों सीमित होती जा रही है।

कहा कि कांग्रेस पर उंगली उठाने से पहले उन्हें अपने आचरण और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी राजद केंद्रीय नेतृत्व से आग्रह करती है कि वह अपने नेताओं को संयमित भाषा और गठबंधन धर्म का पालन करने का निर्देश दे। कहा कि कांग्रेस सेवा, संघर्ष, संविधान और सामाजिक न्याय की राजनीति में विश्वास करती है। निराधार आरोपों, व्यक्तिगत हमलों और राजनीतिक दुष्प्रचार से न सत्य बदलेगा, न कांग्रेस का संकल्प कमजोर होगा। नायक ने कहा कि राजद कांग्रेस को संगठन, संघर्ष और गठबंधन की मर्यादा का पाठ पढ़ाने का प्रयास न करें। कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं की ताकत, जनता के विश्वास और संविधान के मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है।

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