योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है-प्राचार्य
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में बीते 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें लगभग 400 छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्राचार्य प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास करने तथा स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य ने कहा कि नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं तनाव मुक्त रहता है। उन्होंने सभी को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षक राजवीर सिंह के निर्देशन में शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम तथा कपालभाति सहित विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने तथा स्वस्थ एवं निरोग जीवन जीने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिका एवं छात्र-छात्रा उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन वरीय शिक्षक अनंत उपाध्याय ने किया।
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