रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। देशभर में लगातार बढ़ रही गर्मी अब आमजनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और रहिवासी घरों में रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी का असर बच्चों, बुजुर्गों एवं मजदूर वर्ग पर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रकृति रक्षण के संस्थापक बब्लू आनंद महतो ने 21 मई को भेंट में कहा कि यह केवल मौसम परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रकृति की गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि लगातार पेड़ों की कटाई, बढ़ता प्रदूषण और जल स्रोतों की अनदेखी के कारण पर्यावरण का संतुलन तेजी से बिगड़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं है। शिक्षा और पर्यावरण संबंधी सही जानकारी के अभाव में रहिवासी जंगलों में अंधाधुंध पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। यही वजह है कि हर वर्ष गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बब्लू आनंद महतो ने कहा कि यदि सरकार और समाज समय रहते गांव-गांव और शहर-शहर पर्यावरण जागरूकता अभियान नहीं चलाते हैं, तो आने वाले वर्षों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रकृति के साथ इसी तरह खिलवाड़ जारी रहा, तो भविष्य में आमजन भीषण गर्मी से परेशान होकर अपनी जान तक गंवाने लगेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रकृति को बचाने का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित रखने की लड़ाई है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सभी को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से स्कूलों, गांवों एवं पंचायत स्तर पर पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग की। आमजनों से गर्मी के दौरान अधिक पानी पीने, आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने तथा पशु-पक्षियों के लिए पानी रखने की भी अपील की। कहा कि बढ़ती गर्मी के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बनती जा रही है।
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