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सादा जीवन, उच्च विचार के प्रतीक थे स्व. माधव बाबू-डॉ जीत लाल महतो

प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के हरिजन आदिवासी विकास उच्च विद्यालय पीरगुल के प्रांगण में 21 मई को विद्यालय परिवार की ओर से स्वर्गीय माधव बाबू की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं शोक सभा का आयोजन किया गया।

आयोजित शोक सभा एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्र के गणमान्य जनों ने स्व. माधव बाबू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

शोक सभा का माहौल काफी भावुक रहा। उपस्थित जनों ने स्व. माधव बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, शिक्षा और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उन्हें सादा जीवन, उच्च विचार की प्रतिमूर्ति बताया।

विद्यालय के प्राचार्य डॉ जीत लाल महतो ने कहा कि स्व. माधव बाबू ने सुदूरवर्ती क्षेत्र में हरिजन आदिवासी विकास उच्च विद्यालय पीरगुल की स्थापना कर शिक्षा का अलख जगाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि माधव बाबू वास्तव में महान राजनेता, समाजसेवी, ईमानदार और नेक इंसान थे। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने का सपना देखा था। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्हें मेरी ओर से शत-शत नमन।

शिक्षाविद उमेश कुमार जायसवाल ने स्व. माधव बाबू के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जैसा जन नेता मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि माधव बाबू की तुलना में न कोई नेता था और न होगा। उन्होंने गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वह हमेशा याद किए जाएंगे। उनका जीवन संघर्ष, सादगी और सेवा का प्रतीक था।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोक कलाकार सह समाजसेवी प्रेमचंद कालिंदी ने एक मार्मिक शोक गीत प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर उपस्थित जन भावुक हो उठे। कईयों की आंखें नम हो गईं। समाजसेवी घनश्याम महतो एवं मुखिया पति मनोज कुमार महतो ने भी स्व. माधव बाबू के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक सभा में विद्यालय के प्रभारी दिनू राम मांझी, शिक्षक रूपेश कुमार पांडेय, हीरा लाल महतो, राधा गोविंद महतो, सुभाष कुमार महतो, जेबा नाज, समीर अली, आदेश पाल, रानी कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि स्व. माधव बाबू के आदर्शों पर चलकर ही समाज और शिक्षा का वास्तविक विकास संभव है।

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