एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सिटीजन फोरम का रांची नगर निगम के वार्ड पार्षदों से मुलाकात का सिलसिला लगातार जारी है। वार्ड पार्षद मुलाकात कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से उनके वार्ड क्षेत्र में जाकर रांची सिटीजन फोरम का प्रतिनिधिमंडल ने भेंटकर उन्हें अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचित होने पर बधाई दी तथा क्षेत्र की समस्याओं पर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार रांची सिटीजन फोरम का एक प्रतिनिधिमंडल फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में नगर निगम के कुल 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कर रहा है, जिसके तहत 5 जुलाई तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुका है। इस क्रम में 5 जुलाई को वार्ड क्रमांक 23 की वार्ड पार्षद फरहा नाज, वार्ड 36 की पार्षद निहारिका कुमारी, वार्ड 33 की पार्षद पुष्पा टोप्पो और वार्ड 45 के पार्षद नसीम गद्दी से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचन के लिए बधाई दी गयी। साथ ही वार्ड क्षेत्र में व्याप्त अनेकों समस्याओं यथा स्ट्रीट लाइट की समस्या, नाली सफाई की समस्या, टूटी फूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त नाली तथा बड़े खुले नाले की समस्या खासकर जल जमाव इत्यादि मुद्दों पर ज्ञापन देकर समाधान की मांग की गयी।
पार्षदों ने फोरम प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वर्तमान में रांची नगर निगम में फंड की कमी बताया जा रहा है। कहा गया कि हमें इस कारण कोई भी नया कार्य करने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि निर्वाचन के बाद से अभी तक हमें मानदेय भी नहीं भुगतान हुआ है। कहा गया कि अब तक मात्र एक बोर्ड मीटिंग हुआ है, जिसमें भीषण गर्मी को देखते हुए पांच बोरिंग करने की अनुशंसा पर बात हुई थी, लेकिन बरसात आ गया है। अभी तक बोरिंग नहीं किया गया है। इसी प्रकार 50 स्ट्रीट लाइट का भी बात हुआ था, वह भी अभी तक नहीं मिला है।
फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला ने इसपर गहरी चिंता व्यक्त की।

कहा कि वर्तमान समय में झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 का अक्षरशः अनुपालन नहीं हो पा रहा है। नियमानुसार विभिन्न समितियों जैसे वार्ड समिति, क्षेत्रीय समिति, संयुक्त समिति, तदर्थ समिति, विषय समिति, स्टेट चैंबर ऑफ़ म्युनिसिपल काउंसिल का अभी तक गठन नहीं किया गया है और न ही नगरपालिका लोकपाल की नियुक्ति हो पाई है।
कुछ पुराने दोबारा निर्वाचित वार्ड पार्षदों ने फोरम को बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में निगम में अपने कई अफसरों और कर्मियों को पदस्थापित कर दिया है, जिसका वेतन रांची नगर निगम अपने नगरपालिका निधि से भुगतान कर रहा है, जबकि पहले रांची नगर निगम में इतने अफसर और कर्मचारी नहीं थे। विगत 3 वर्षों में अफसर और कर्मचारी कई गुना बढ़ गए हैं।
फंड की कमी पर रांची सिटीजन फोरम प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि पिछले वर्ष का 100 करोड़ रूपये से अधिक का होल्डिंग टैक्स और इस त्रैमासिक में कलेक्ट 48 करोड़ रूपये होल्डिंग टैक्स, यूजर चार्ज का कलेक्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का डेढ़ गुना पेनल्टी का करोड़ों रुपए, रांची के सभी बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, ऑटो स्टैंड का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, रांची के सभी पार्किंग स्थलों का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, इनफोर्समेंट ऑफिसरों के द्वारा वसूला गया जुर्माना, नक्शा पास करने के एवज में मिला रुपए, ट्रेड लाइसेंस बनाने और विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने के एवज में मिला शुल्क, पूरे रांची शहरी क्षेत्र में लगे विज्ञापन और होर्डिंग से प्राप्त टैक्स का करोड़ों रुपए, ऑटो इत्यादि से प्रतिदिन वसूला जा रहा चुंगी टोल के रूपये तथा रांची शहरी क्षेत्र के 53 वार्ड के विभिन्न सैरातों से आने वाला कमाई का अरबों रूपये कहां है?
वार्ड पार्षदों ने बताया कि इसकी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है। अगला बोर्ड मीटिंग में इस बात को वे रखेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला, सचिव रेणुका तिवारी, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सदस्य कुमार अभिषेक दुबे, सुजीत कुमार पांडेय, रविंद्र मेहता आदि शामिल थे।
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