एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के करगली बाजार गुरु द्वारा में 14 अप्रैल को बैसाखी पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
खालसा सृजन के 328वां दिवस पर आयोजित बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारा को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर भक्ति माहौल में सराबोर हो गई। बेरमो कोयलांचल के विभिन्न जगहो से बड़ी संख्या में संगत पहुंची व गुरुद्वारा में मत्था टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शबद कीर्तन से हुई, जिसमें रागी जत्थों ने गुरुबाणी का गायन कर संगत को आध्यात्मिक रस में डुबो दिया। गुरुद्वारा के ज्ञानी बाबा गुरमीत सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। दीवान साहेब को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां श्रद्धालु पूरे अनुशासन के साथ बैठकर कीर्तन का आनंद लेते रहे। पुरुष व महिला संगत ने बढ़ -चढ़कर भाग लिया और पूरे आयोजन में अनुशासन व सेवा भावना का परिचय दिया।
गर्मी को देखते हुए जेसीआई जज्बा की ओर से श्रद्धालुओं के बीच शर्बत का वितरण किया गया, जिससे राहगीरों को राहत मिली। वहीं सदस्यों ने प्रसाद वितरण किया। दोपहर करीब 2 बजे से अटूट लंगर की व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। लंगर में सेवा कर रहे सेवादारों की तत्परता व समर्पण ने सभी का मन मोह लिया।
गुरद्वारा में खालसा मेरो रूप है खास, खालसे में हौं करौं निवास के संदेश के साथ इस उत्सव ने क्षेत्र में प्रेम, एकता और सेवा भावना का प्रसार किया। इस दौरान बोले सो निहाल, सत श्रीअकाल के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। इस अवसर पर गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय, बेरमो विधायक प्रतिनिधि उत्तम सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अर्चना सिंह, मजदूर नेता लखनलाल महतो, परवेज अखतर आदि मुख्य रूप से शामिल हुए।
खालसा पंथ की स्थापना का ऐतिहासिक दिन-लाल सिंह
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति करगली के अध्यक्ष लाल सिंह ने बताया कि बैसाखी सिख धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1699 में इसी दिन सिक्खों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंहजी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने पांच प्यारों को अमृत पान कराकर एक नई धार्मिक व सामाजिक व्यवस्था की शुरुआत की। इस दिन को साहस, समानता और धर्म की रक्षा के संकल्प के रूप में मनाया जाता है। कहा कि वैसाखी फसल कटाई का भी पर्व है, जिससे किसानों के लिए इसका विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा में हर वर्ष इस तरह के आयोजन से समाज में भाईचारे और सेवा भावना को बढ़ावा मिलता है।
मौके पर करगली गुरुद्वारा कमिटी के अध्यक्ष लाल सिंह, सचिव लैना सिंह, देवेंद्र सिंह, जोगा सिंह, मुन्ना खालसा, बबलू सिंह, अरुण बंसल, पियूष बंसल, लवप्रीत सिंह, बबली सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरमुख सिंह, जगतार सिंह, गार्मेज सिंह, बच्चन सिंह, जगतार सिंह, मंजित कौर, राज कौर, मंसो कौर, रंजीत कौर, तरसेम कौर, मिरो कौर, मीना कौर सहित युगेश तिवारी, राजन साव, राजू दिगार, शरण सिंह राणा आदि दर्जनों गणमान्य उपस्थित थे।
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