एस. पी. सक्सेना/बोकारो। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की मासिक रचना गोष्ठी 28 जून को संघ कार्यालय बोकारो के जनवृत टू ए में आयोजित किया गया। अध्यक्षता दयानंद सिंह ने की।
जानकारी देते हुए गंगेश पाठक ने बताया कि रचना गोष्ठी में कबीर पंथ एवं सामाजिक समरसता पर एक से बढ़कर एक रचना की कवियित्रीयों एवं साहित्यकारों ने प्रस्तुति दी। रचना गोष्ठी की शुरुआत चर्चीत कवियित्री करुणा कलिका की सरस्वती वंदना से की गयी। इसके बाद ओमान से बोकारो आयी कवियित्री विभा तिवारी की समरसता भारतीय संस्कृति के मूल में, डाॅ आशा पुष्प की ए मेरी जिंदगी, परिषद् के प्रेस सचिव गंगेश कुमार पाठक की तिरंगे की कसम, डाॅ रंजना श्रीवास्तव की कबीर के जनमवा, डाॅ परमेश्वर भारती ने कबीर पंथ पर विशेष प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सुधा रानी की दोहे राम- रहीम, दीनानाथ ठाकुर की माँ मुझको भी दो वरदान की सुंदर प्रस्तुति दी। कवि गोष्ठी का शानदार संचालन करते हुए करुणा कलिका की इक इक वर्णो के मोती का, इसके अलावे दामोदर प्रसाद, प्रोफेसर अनुराग सिंह, कृष्ण प्रकाश सिंह, प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्र, नयन, लव कुमार आदि ने भी पाठ किया। धन्यवाद ज्ञापन परिषद् के उपसचिव दीनानाथ ठाकुर ने की।
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