विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। बूंद बूंद पानी के लिए तड़प रहे ग्रामीण क्षेत्रों में दस दिन में पानी नहीं पहुंचा तो आंदोलन तय हैं। उक्त बाते 4 जून को झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने कही।
ज्ञात हो कि बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के अति सुंदरवर्ती हुरलूंग, कर्रीखुर्द, चुट्टे और लोधी पंचायत के सम्पूर्ण गांवों तथा चतरोचट्टी, सीधाबारा एवं चिदरी पंचायत के आंशिक गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित जरकुंडा संयुक्त जलापूर्ति योजना का स्थल निरीक्षण भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने 4 जून को की। निरीक्षण के बाद संबंधित अभियंता से जानकारी लेते हुए उन्होंने पेयजल स्वच्छता विभाग से लंबित कार्यों को अविलंब निपटाने की मांग की।
झारखंड आंदोलनकारी महमूद ने इस अवसर पर कहा कि हुरलूंग, कर्रीखुर्द, चुट्टे तथा चतरोचट्टी के मंगरो और कतवारी में पेयजल का भारी संकट है। इन गांवों के रहिवासी बीते 19 मई को अनुमंडल पदाधिकारी बेरमों तथा पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से मिलकर संकटपूर्ण स्थिति की जानकारी दे चुके हैं। कहा कि रहिवासीयों की सक्रियता के बाद लंबित कार्यों के निपटाने में तीव्रता जरूर आई है, किंतु युद्ध स्तर पर कार्य नहीं किया गया। ऐसे में अगले एक सप्ताह में भी उपरोक्त क्षेत्र के रहिवासियों को पानी नहीं मिल पाएगा। महमूद ने घोषणा की कि दस दिनों के अंदर पानी नहीं पहुंचा तो पेयजल स्वच्छता विभाग के प्रमंडल कार्यालय तथा गोमिया प्रखंड कार्यालय में रहिवासी डेरा डालेंगे।
स्थल निरीक्षण में किसान सभा के गोमिया प्रखंड संयोजक देवानंद प्रजापति, बोकारो जिला सचिव मौजीलाल महतो, महिला नेत्री शाहजहां खातून, अनीता देवी तथा अजमेरी खातून, अधिवक्ता निहाल रजा, कमालुद्दीन, पूर्व मुखिया वासुदेव महतो, बबीता देवी इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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