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एचबीएसएफ फाउंडेशन और टीएमसी द्वारा छात्रों और डॉक्टरों के लिए बनेगा घर

हरीश और बीना शाह फाउंडेशन द्वारा दान की गई खारघर में 12-मंज़िला इमारत

मुश्ताक खान/मुंबई। नवी मुंबई के खारघर में स्थित “कैंसर के उपचार, अनुसंधान और शिक्षा केंद्र” (एक्ट्रेक)कैंपस में छात्रों और डॉक्टर के लिए हरीश और बीना शाह फाउंडेशन (HBSF) के साथ टी एम सी द्वारा रेजिडेंशियल फैसिलिटी की नींव रखी गई । इस मौके पर टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) के निदेशक डॉ. सुदीप गुप्ता भी मौजूद थे। यह फैसिलिटी भारत के सबसे बड़े कैंसर केयर और रिसर्च इंस्टीट्यूशन में से एक में एडवांस्ड ट्रेनिंग ले रहे स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, रेजिडेंट डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए रहने की जगह देगी। यह सेरेमनी ऑन्कोलॉजी के ह्यूमन इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़े इन्वेस्टमेंट को दिखाता है, यह मानते हुए कि भारत में कैंसर केयर की क्वालिटी इस बात पर भी निर्भर करती है कि इसके भविष्य के स्पेशलिस्ट को किन हालात में ट्रेनिंग दी जाती है।

टीएमसी में हर साल होता 1 लाख 30 हजार कैंसर मरीजों का इलाज

गौरतलब है कि हरीश और बीना शाह फाउंडेशन पूरे भारत में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में एक कमिटेड पार्टनर रहा है। एक्ट्रेक, टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) की यूनिट्स में से एक है, जो देश में कैंसर सेंटर्स का सबसे बड़ा नेटवर्क है। टीएमसी एक अकेले हॉस्पिटल से बढ़कर एक नेशनल नेटवर्क बन गया है, जो हर साल 130,000 से ज़्यादा नए कैंसर मरीज़ों की सेवा करता है। इनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग से आते हैं। एक्ट्रेक, अपने खारघर कैंपस में, 500 बेड की फैसिलिटी है जिसे अगले 2 सालों में बढ़ाया जाएगा। मौजूदा समय में यहां हर साल लगभग 10,000 नए कैंसर मरीज़ों को रजिस्टर करता है।

ACTREC, होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट के तहत डॉक्टरेट, पोस्टग्रेजुएट और फेलोशिप प्रोग्राम में ऑन्कोलॉजी प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी को ट्रेनिंग देता है। यह भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी (DAE) के तहत एक डीम्ड यूनिवर्सिटी है।

नई इमारत में रह सकेंगे 784 छात्रों और हेल्थकेयर स्टाफ

संयुक्त रूप से नई रेजिडेंशियल फैसिलिटी एक 12-मंज़िला स्ट्रक्चर है जिसमें एक बेसमेंट है, जिसमें 352 हॉस्टल रूम और 16 दो-बेडरूम फ्लैट हैं, जिनकी कुल कैपेसिटी लगभग 784 रेजिडेंट्स की है। इसमें एक मल्टीपर्पस डाइनिंग फैसिलिटी, जिम, योगा रूम और हीलिंग गार्डन के तौर पर एक रीडिज़ाइन किया गया है। टीएमसी के निदेशक डॉ. सुदीप गुप्ता के मार्गदर्शन में, अपने एकेडमिक प्रोग्राम्स को काफी बढ़ाया है, जिसमें MD, DM, MCh, फेलोशिप, PhD और MSc जैसे कई तरह के कोर्स के साथ-साथ ऑन्कोलॉजी टेक्नोलॉजी और रिसर्च में स्पेशलाइज़्ड ट्रेनिंग भी शामिल है।

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