अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सरकार पहले जन-जन तक शिक्षा का प्रसार करने के लिए प्रतिबद्ध थी, और आज उससे आगे बढ़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दे रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से ‘शिक्षित बिहार, समृद्ध बिहार’ के अभियान को सफल बनाएगा। उक्त बातें बिहार के उपमुख्यमंत्री-सह-प्रभारी मंत्री (जिला सारण), विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहीं। वे सारण जिला के हद में रविवार 19 जुलाई 2026 को सोनपुर स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) और के.पी.एस.पी. उच्च विद्यालय, गंगाजल (+2) का लोकार्पण किया। ज्ञातव्य है कि सारण जिले के 20 प्रखंडों में कुल 21 ऐसे आदर्श विद्यालयों का लोकार्पण संपन्न हुआ है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने ‘ज्ञानवान बिहार’ तथा ‘ऊर्जावान बिहार’ के माध्यम से राज्य के नवनिर्माण का आह्वान किया। उन्होंने बिहार के युवाओं से अपेक्षा की कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से अपनी बेहतरी सुनिश्चित करें और राज्य तथा राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना योगदान दें।
सोनपुर के विधायक विनय कुमार सिंह ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में सरकार की इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों, स्मार्ट क्लासेज, आधुनिक लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैब, बेहतर खेल सुविधाओं और करियर काउंसलिंग की सुविधाओं से युक्त इन आदर्श विद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर छात्र निश्चित रूप से इंजीनियरिंग, मेडिकल और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पुष्पगुच्छ देकर उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया, जिसके उपरांत उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। तत्पश्चात, उपमुख्यमंत्री ने फीता काटकर आदर्श विद्यालय, के.पी.एस.पी. उच्च विद्यालय, गंगाजल (+2) का विधिवत लोकार्पण किया। विद्यालय की छात्राओं ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया, और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन किया गया।
इस अवसर पर विधान पार्षद वीरेंद्र नारायण यादव, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बेगूसराय से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य के 551 आदर्श विद्यालयों के लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना।
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