अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष 28 जुलाई को विशाल जन आंदोलन और सभा का आयोजन किया।
प्रदर्शन की शुरुआत सोनपुर स्टेशन से डीआरएम कार्यालय तक निकाली गई एक विरोध रैली के साथ की गयी। इस अवसर पर आयोजित सभा की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष झुन्नू कुमार तथा संचालन मंडल सचिव संदीप पासवान ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जोनल अध्यक्ष डी.पी. श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताओं को मजदूर विरोधी काला कानून करार देते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी संघर्ष की चेतावनी दी। महासचिव मृत्युंजय कुमार ने 55/30 सर्विस रिव्यू पर तत्काल रोक लगाने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की मांग की। यूनियन ने सरकार पर निजीकरण, निगमीकरण और नई श्रम नीतियों के जरिए कर्मचारियों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
इस अवसर पर 42 सूत्री मांग पत्र पारित किया गया, जिसमें रिक्त पदों पर भर्ती, आउटसोर्सिंग पर रोक, ठेका कर्मियों को समान वेतन, 8वें वेतन आयोग में 3.5 फिटमेंट, 18 माह का डीए, एरियर और कर्मचारियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य व आवासीय सुविधाएं शामिल हैं। मौके पर जोनल कार्यकारी अध्यक्ष एस.पी. साहू ने कार्य के घंटों में वृद्धि और वेतन कटौती पर चिंता जताई। वहीं, संजय कुमार ने रन-ओवर हादसों को रोकने के लिए जीवन रक्षक उपकरण और एक करोड़ रुपये के बीमा की मांग की। शिव शंकर मंडल ने पॉइंट्समैन और गेटमैन के लिए आठ घंटे की ड्यूटी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय संयुक्त सचिव रत्नेश वर्मा, अध्यक्ष संतोष पासवान, बी.आर. सिंह, अवधेश गुप्ता, अजय साह सहित यूनियन के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा घनश्याम पासवान, तान्या सिंह, रजनी कुमारी समेत सैकड़ों रेलवे कर्मियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूनियन नेताओं ने सभी रेलकर्मियों से अगस्त माह में देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की, ताकि सरकार पर अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया जा सके।
![]()













Leave a Reply