एस. पी. सक्सेना/बोकारो। देश के आंतरिक दुश्मनों से डटकर लोहा लेनेवाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ द्वारा 9 अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया गया। इसे लेकर बल के चास स्थित ऑप्स रेंज बोकारो मुख्यालय में 61वाँ शौर्य दिवस गरिमामय ढंग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अर्ध सैनिक बल समूह (पीएमजी) के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें परिचालन रेंज, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बोकारो में तैनात अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 9 अप्रैल को शौर्य दिवस सम्पूर्ण केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1965 में गुजरात के रण ऑफ कच्छ स्थित सरदार पोस्ट पर सीआरपीएफ की द्वीतिय वाहिनी की दो कंपनियों द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय वीरता, असाधारण साहस, अनुकरणीय धैर्य एवं राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। उस समय पाकिस्तानी सेना की एक नियमित पूर्ण ब्रिगेड द्वारा किए गए कायरतापूर्ण एवं धोखे से हमले को सीआरपीएफ के वीर जवानों ने विफल कर दिया था। इस भीषण संघर्ष में सीआरपीएफ के जवानों ने 34 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया तथा 4 को जीवित बंदी बनाया था।
शौर्य दिवस के अवसर पर उप महानिरीक्षक द्वारा एक विशेष सैनिक सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बल की कार्यक्षमता एवं मनोबल सुदृढ़ करने हेतु बल के शौर्य गाथा का वर्णन किया गया। इस दौरान परंपरानुसार, अमित कुमार सिंह, उप महानिरीक्षक जो पुलिस वीरता पदक धारक हैं को सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यालय के अन्य तीन कार्मिकों को इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक झारखंड सेक्टर के प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया।
अपराह्न बेला में खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन के बाद रात्रि बेला में बड़ा खाना का आयोजन किया गया, जिसमें सभी अधिकारियों एवं जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
यह आयोजन न केवल सीआरपीएफ की वीरता और बलिदान की गौरवशाली परंपरा को स्मरण करने का अवसर रहा, बल्कि बल के सदस्यों में एकता, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा की भावना को देश के प्रति अपने पराक्रम को प्रदर्शित करने को प्रेरित करता है।
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