पीयूष पांडेय/बड़बिल (क्योंझर)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 13 अप्रैल को राज्य के क्योंझर जिले में लंबे समय से इंतज़ार किए जा रहे बडबिल बाईपास-कम-रिंग रोड प्रोजेक्ट की नींव रखी, जिससे माइनिंग टाउन के रहिवासियों से किया गया एक अहम वादा पूरा हुआ।
जानकारी के अनुसार ₹1,581.21 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाली प्रस्तावित 18.326 किलोमीटर की बाईपास सड़क से क्योंझर जिला के हद में बडबिल और आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक जाम में काफी कमी आने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री माजी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारी गाड़ियों की आवाजाही, खासकर माइनिंग ऑपरेशन से होने वाली लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों को दूर करेगा।
बडबिल में कार्यक्रम के दौरान सीएम माझी ने पूरे क्योंझर जिले में ₹29.41 करोड़ के 24 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और ₹326.43 करोड़ के इन्वेस्टमेंट वाले 51 प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। बाईपास प्रोजेक्ट की अहमियत बताते हुए सीएम ने कहा कि इससे हर दिन 40,000 पैसेंजर कार यूनिट्स (पीएसयू) तक को हैंडल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि अभी ट्रैफिक लोड लगभग 15,375 पीएसयू है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में तीन खास हिस्से शामिल हैं। भद्रासाही से सेरेंडा तक 3.7 कि.मी., सेरेंडा से बलानी तक 6.3 कि.मी. और सेरेंडा से नाल्दा तक 8.3 किमी।
उन्होंने कहा कि रिंग रोड न केवल शहर में भीड़ कम करेगी, बल्कि शहरी विस्तार को भी बढ़ावा देगी, आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करेगी और परिवहन लागत को कम करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास में योगदान मिलेगा। सीएम मांझी जी ने जोडा, बासुदेवपुर और बडबिल इलाकों के लिए ₹298 करोड़ की लागत से एक पावर सब-स्टेशन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रस्तावित आठ लेन बडबिल-पारादीप सड़क के निर्माण में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने कई अहम सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें ₹95 करोड़ की लागत वाली बामवेरी-पलासा-गुरुडा-कोइडा सड़क (10 कि.मी.), ₹30 करोड़ की सुआकाटी-दुबुना-कालीमाटी सड़क (लगभग 7.5 कि.मी.) और ₹30 करोड़ की लागत से पलासापंगा-बामवेरी किडको सड़क (लगभग 5.5 कि.मी.) का अपग्रेडेशन शामिल है।
इस अवसर पर सीएम द्वारा बडबिल उत्सव पाडिया में बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें खेल सुविधाएं और ₹9.27 करोड़ की लागत वाली बस स्टैंड आधुनिकीकरण परियोजना शामिल है। अन्य नागरिक परियोजनाओं में बारबिल आईटीआई स्टाफ क्वार्टर के समीप एक खेल के मैदान और पार्क में सुधार, एक नया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और एक टाउन हॉल शामिल थे।
ओडिशा राज्य में डेवलपमेंट की रीढ़ के तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर देते हुए सीएम माझी ने कहा कि राज्य सरकार समृद्ध ओडिशा बनाने के लिए सड़कों, पुलों, बिजली और पीने के पानी को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि क्योंझर ज़िले के डेवलपमेंट पर खास ध्यान दिया गया है, जिसमें डेटा सेंटर, सान घाघरा में एक रीजनल प्लांट रिसोर्स सेंटर, एक अपैरल यूनिट और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने क्योंझर जिले के लिए ₹1,647 करोड़ के ग्रिड सब-स्टेशन प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी है, जिसके तीन साल में पूरा होने और घरों और इंडस्ट्रीज़ दोनों को भरोसेमंद बिजली सप्लाई पक्का करने की उम्मीद है। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर इनिशिएटिव्स का ज़िक्र करते हुए सीएम माझी ने कहा कि 287 कि.मी. लंबे बरहामपुर-जयपुर एक्सप्रेस-वे, पारादीप-अमाभाना ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और मोटू से तिरिंग तक 969 कि.मी. लंबे अटल एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े सड़क परियोजना ओडिशा के इकोनॉमिक लैंडस्केप को बदल देंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओडिशा राज्य में बढ़े हुए केंद्रीय निवेश पर भी ज़ोर दिया और इकोनॉमिक कॉरिडोर, नेशनल वॉटर-वे और रेलवे विस्तार के लिए किए गए आवंटन का ज़िक्र किया।
इवेंट के दौरान सीएम माझी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रधानमंत्री का भाषण सुना और कहा कि महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण से शासन में उनकी भागीदारी मजबूत होगी। सीएम ने मधुबाबू पेंशन योजना के तहत लाभ भी बांटे और योग्य लाभार्थियों को जमीन के मालिकाना हक सौंपे। इस अवसर पर चंपुआ के विधायक सनातन महाकुड़, पाटना के विधायक अखिला चंद्र नाइक, प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ फकीर नाइक, स्पेशल डेवलपमेंट काउंसिल की चेयरपर्सन ममिता सिंह, क्योंझर के जिला कलेक्टर विशाल सिंह आदि उपस्थित थे।
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