प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। गिरिडीह जिला के पड़ोसी हजारीबाग जिला के हद में विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के जोबर पंचायत के बंदखारो रहिवासी पुषण महतो के 24 वर्षिय पुत्र प्रदीप कुमार महतो का शव 12 दिन बाद 30 मार्च को विमान से झारखंड की राजधानी रांची पहुंचा।
बता दें कि प्रदीप कुमार महतो की मौत ओमान में पिछले 18 मार्च को सड़क दुर्घटना में हो गई थी। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और इसी दौरान इलाज कराकर पैदल अपने कैंप वापस लौट रहे थे। सड़क पार करने के दौरान एक वाहन ने उन्हें चपेट में ले लिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक जावावी पावरटेक इंजीनियरिंग कंपनी में काम कर रहे थे।
मृतक प्रदीप का शव को लेने प्रवासी श्रमिक हित में कार्य करने वाले समाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली रांची एयरपोर्ट पहुंचकर संवेदना प्रकट की तथा कहा कि अथक प्रयासों के बाद मृतक परिजनों को 40 लाख रुपये का बीमा और सहायता राशि दिलाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारीबाग, गिरिडीह एवं बोकारो जिले के बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर देश-विदेश में कार्यरत हैं।
ऐसे में उनके साथ आए दिन अनहोनी के बाद शव लाने की पीड़ा और मुआवजा एक बड़ी समस्या होती है। कहा कि दूसरे राज्य और विदेश जाने वाले अधिकांश प्रवासी श्रमिकों की मौत जोखिम वाले काम करने से हुई है।अगर सरकार कंपनियों के लिए यह नियम सख्ती से लागू करती कि श्रमिकों की मौत के बाद एक निश्चित रकम मुआवजा के रूप में कंपनियों को देना ही पड़ेगा, तो गरीब मजदूरों के परिवारजनों को कुछ राहत मिल पायेगी।
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