रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के सिंहपुर स्थित प्राचीन शिवालय (मंदिर) में आस्था और श्रद्धा का प्रतीक भोकता पर्व लोटन सेवा के साथ शुरू हो गया है। इस अवसर पर 13 अप्रैल को झारखंड और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
बताया जाता है कि भक्तों द्वारा की जाने वाली लोटन सेवा इस पर्व का मुख्य आकर्षण है, जिसमें श्रद्धालु जमीन पर लेट-लेटकर मंदिर तक पहुंचते हैं। यह कठिन साधना भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था और समर्पण को दर्शाती है। मंदिर परिसर में सुबह से ही जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और विशेष पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है। चारों ओर हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
स्थानीय श्रद्धालू राजेश कुमार के अनुसार यह पर्व इस क्षेत्र की पहचान है और हर साल यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, जो आस्था की गहराई को दर्शाता है। रहिवासी काशी नाथ महतो ने बताया कि भोकता पर्व वर्षों पुरानी परंपरा है और इसे बड़े ही श्रद्धा और नियम के साथ मनाया जाता है। रहिवासी मनोज सिंह ने कहा कि लोटन सेवा करना आसान नहीं होता। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इसे पूरी निष्ठा से करते हैं।
सिंहपुर रहिवासी अधीर शर्मा ने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज में धार्मिक एकता और भाईचारा मजबूत होता है। पंचायत समिति सदस्य विनोद कुमार महतो ने कहा कि स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी को परेशानी न हो।
धार्मिक महत्व: ज्ञात हो कि झारखंड में भोकता पर्व को भगवान शिव की भक्ति और कठोर तपस्या का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से लोटन सेवा करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया है।
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