झारखंड आंदोलनकारी दीपक कुमार की शहादत दिवस मनाकर किया गया याद
प्रहरी संवाददाता/फुसरो (बोकारो)। झारखंड मुक्ति मोर्चा उलगुलान ने 20 मार्च को बोकारो जिला के हद में चपरी गेस्ट हाउस के निकट झारखंड आंदोलनकारी दीपक कुमार का शहादत दिवस मनाकर उन्हें याद किया। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झामुमो उलगुलान के केंद्रीय महासचिव सह झारखंड आंदोलकारी बेनीलाल महतो सहित अन्य पदाधिकारियों ने शहीद दीपक की प्रतिमा पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए झामुमो (उलगुलान) नेता बेनीलाल महतो ने कहा कि शहीद दीपक ने झारखंड आंदोलन में अहम भूमिका निभायी थी। अपनी जिंदगी के अंतिम क्षण तक वे आंदोलन करते रहे। ऐसे ही आंदोलनकारी के बल पर झारखंड अलग राज्य बना। लेकिन झारखंड अलग होने के बाद भी यहां के स्थानीय और मूल रहिवासियों को आज भी समस्याओ से जूझना पर रहा है।
उन्होंने कहा कि धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और कोल्हान क्षेत्र में अनेकों आंदोलनकारी ने कुर्बानी दी है। आज खनिज कोयला, लोहा, बालू, जल, जंगल, जमीन की खुलेआम लूट हो रही है। झारखंड को खोखला किया जा रहा है। इसे झारखंड की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता कभी न कभी जगेगी और अपने हक के लिए पुनः अलग राज्य के तर्ज पर आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से रघुवर दास को छोड़कर आदिवासी मुख्यमंत्री ने ही शासन किया है, लेकिन आज तक ना तो खतियान आधारित स्थानीय नीति, रोजगार नीति, विस्थापन नीति और न ही नियोजन नीति बनाया जा सका। जिसके कारण झारखंडी युवक पलायन को मजबूर है। उन्होंने कहा कि शहीदो की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
मौके पर कृष्णा थापा, शंभूनाथ महतो, छोटेलाल गुप्ता, गिरधारी महतो, जगदीश महतो, बबलू रवानी, रामकृत महतो, गोपाल महतो, मुनिलाल पाल, सरयू महतो, अमित कुमार, सहदेव मांझी, महेंद्र मंडल, हरेंद्र ठाकुर, बंसत सोनी, द्वारिका महतो, लक्ष्मण हांसदा सहित दर्जनो अन्य उपस्थित थे।
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