एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में जारंगडीह स्थित के. बी. कॉलेज बेरमो में छह विषयों यथा मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, उर्दू, मानवविज्ञान तथा बंगला भाषा की पढ़ाई क्लस्टर सिस्टम से बंद होने के आसार से छात्र छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षक शिक्षिकाओं व् गणमान्य जनों में रोष देखा जा रहा है।
ज्ञात हो कि, सुदूर ग्रामीण नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र बेरमो सबसे पुराना अनुमंडल है। यहां बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, गरीब तबके के रहिवासी वास करते हैं, जिनके बच्चों की शिक्षा के लिए एकमात्र सरकारी कॉलेज के. बी. कॉलेज बेरमो में उपरोक्त छह विषयों की पढ़ाई बंद होने से क्षेत्र के सैकड़ो छात्र-छात्रा शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
उपरोक्त विषयों में छात्र छात्राओं की संख्या में कमी का कारण पोर्टल से नामांकन का कारण है, क्योंकि सरकारी स्कूल में मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, उर्दू, मानवविज्ञान, बंगला आदि विषयों की पढ़ाई नहीं होती है। जिस कारण से छात्र छात्राओं को इन विषयों की जानकारी नहीं रहती है। विगत वर्षो में देखा जाए तो कॉलेज में इन विषयों में छात्र छात्राओं की संख्या पर्याप्त थी। खासकर मनोविज्ञान, दर्शनशास्र, समाजशास्त्र, उर्दू, मानवविज्ञान आदि विषयों को बंद करना उचित नहीं है। यह इस क्षेत्र के छात्र छात्राओं के साथ अन्याय होगा।
ध्यान देने योग्य है कि यह क्षेत्र अल्पसंख्यक का भी रहा है, जिसके कारण पुर्व में उर्दू की पढ़ाई यहां होती थी। उर्दू के शिक्षक नहीं रहने के कारण नामांकन में अभी हाल के वर्षों में कमी हुई है। उपरोक्त छह विषयों की पढ़ाई बंद किए की जानकारी से क्षेत्र के छात्र छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षक शिक्षिकाओं, गणमान्य जनों में रोष देखा जा रहा है।
के. बी. कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण से 17 मई को इस बावत पूछे जाने पर प्राचार्य ने कहा कि वे अपने स्तर से अद्यतन प्रतिवेदन बनाकर विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी धनबाद को प्रेषित कर चुके है, ताकि छह विषयों की पढ़ाई के. बी. कॉलेज बेरमो में बरकरार रहे।
![]()













Leave a Reply