गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का 27 अक्टूबर को होने वाले संध्याकालीन अर्ध्य के पूर्व वैशाली के जिलाधिकारी वर्षा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने 26 अक्टूबर को अपर समाहर्ता आपदा, आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य पदाधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ विभिन्न गंडक नदी के छठ घाटों का निरीक्षण किया।
घाटों पर प्रशासन स्तर पर की गई आवश्यक तैयारी एवं सुरक्षा संबंधी दिए गए निर्देशों के अनुपालन का जायजा भी लिया। उन्होंने सभी घाटों पर व्रतियों की सुविधा एवं भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से की गई आवश्यक तैयारी जैसे घाट निर्माण, बैरिकेडिंग, लाइटिंग, वॉच टावर का निर्माण, साफ सफाई, पदाधिकारी एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति, नियंत्रण कक्ष की स्थापना तथा महिला व्रतियों हेतु चेंजिंग रूम इत्यादि के संबंध में आवश्यक जानकारी ली।
अधिकारियों ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को उपरोक्त सभी तैयारी के संबंध में जांच एवं आवश्यक अनुपालन अनिवार्य रूपेण कर लेने को कहा। बताया जाता है कि जिला स्तर से कुल 10 मोटर बोट पर एसडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए की गई है। इसके साथ ही गोताखोर, नाव नाविक एवं आपदा मित्रों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।
छठ महापर्व पर आवश्यक तैयारी एवं प्रभावी भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर जिला पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी द्वारा दिया गए निर्देशालोक में अनुमण्डल पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा अनुमंडल स्तर पर भी स्थानीय घाटों एवं भीड़ की स्थिति के आकलन के आधार पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी सिंह ने जिला वासियों से अपील की है कि अर्ध्य या स्नान के दौरान किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाए। नदी और तालाब में की गई बैरिकेडिंग के अंदर ही रहकर छठ पर्व एवं पूजा करें। सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ही की गई है, इसलिए इसका अनुपालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
जिला पदाधिकारी द्वारा घाटों पर स्थित नियंत्रण कक्ष में मेडिकल कैंप, आवश्यक दवा भंडारण एवं एंबुलेंस की व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके। यह भी बताया गया कि विधि व्यवस्था संधारण हेतु 47 स्थानों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरा, ड्रोन सर्विलांस एवं कंट्रोल रूम से भी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
पूरे जिले में सामाजिक संस्थाओं और युवकों ने 27 अक्टूबर के संध्या कालीन अर्घ के लिए गांवों जहां पोखर या नदी घाट नहीं है, वहां अस्थाई तालाब का निर्माण कर दिया गया है, ताकि छठव्रतियों को परेशानी न हो। जिला के हद में लालगंज प्रखंड के शीतल भकुरहर पंचायत की मुखिया अलका देवी ने अपने पंचायत के हर टोले में छठ पूजा के लिए अस्थाई तालाब बनाया है।
पंचायत की मुखिया के सौजन्य से सामूहिक छठ घाट खुदाई कार्यक्रम के तहत ग्राम फतेहाबाद बोरहा के राम जानकी मंदिर, चंदन राम के दरवाजे पर, ग्राम मणि भकुरहर के मोहन साह, राजकिशोर दास और ओमप्रकाश शर्मा के दरवाजे पर, ग्राम शीतल भकुरहर के वार्ड 4 के विजय सिंह के दरवाजे, वार्ड 8 के सुनील राय के टोला, बाबूलाल महतो और भगवती महतो टोला और वार्ड 3 के संजीत पासवान के दरवाजे के सामने के साथ पंसस के घर के पास छठ घाट खुदाई का कार्य किया गया।
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