ग्यारह रेल लाईन, तीन रेल मार्ग, फिर भी फ्लाई ओवर समेत यात्री सुविधाविहीन टोरी
एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के भुसाढ़ निवासी द्वारिका ठाकुर ने जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन कार्यालय में सौंपकर टोरी, चंदवा एनएच 99 न्यु 22 पर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
उपायुक्त के नाम प्रेषित ज्ञापन में ठाकुर ने कहा है कि लातेहार जिले की टोरी, चंदवा एनएच 99 न्यु 22 पर फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 3 अप्रैल 2021 को शिलान्यास किया गया था।
ऑनलाइन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, चतरा सांसद सुनील सिंह, विधायक बैद्यनाथ राम के हांथो शिलान्यास किया गया था। तब से आजतक उक्त कार्य अधूरा है। उन्होंने कहा है कि केंद्र, राज्य सरकार और जिला प्रशासन की नजर रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या एवं फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण की ओर नहीं है।
ज्ञापन में कहा गया कि शिलान्यास के दो वर्ष चार माह हो गया, लेकिन फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, इससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है, जबकि उक्त रेलवे क्रॉसिंग से प्रतिदिन एक लाख से अधिक राहगीर, ग्रामीण, छात्र छात्राएं आवागमन करते हैं।
बताया गया कि टोरी जंक्शन पर ग्यारह रेल लाईन है। यहां तीन रेल मार्ग है, जिनमें रांची-लोहरदगा-टोरी सासाराम, बरकाकाना-टोरी- मेदिनीनगर तथा टोरी-बालूमाथ रेल मार्ग शामिल है। यहां से बड़ी संख्या में एक्सप्रेस और गुड्स ट्रेनें गुजरती हैं।
कहा गया कि टोरी चंदवा एनएच 99 न्यु 22 से पटना, चतरा, हजारीबाग, गढ़वा, मेदिनीनगर, लातेहार, छत्तीसगढ़, रांची, गुमला, लोहरदगा की हजारों छोटी बड़ी यात्री बसें, सवारी गाड़ी व अन्य गाड़ी गुजरती है। हजारों दो पहिया मोटरसाइकिल का भी परिचालन होता है। व्यस्ततम रेल मार्ग होने के कारण ज्यादातर क्रॉसिंग बंद ही रहता है। क्रॉसिंग बंद कर लगातार तीन चार ट्रेन परिचालन कराया जाता है, इसके चलते यहां घंटों जाम लगा रहता है।
जाम की समस्या खत्म करने के लिए दसकों से ग्रामीण आंदोलन कर फ्लाई ओवर ब्रिज की मांग करते रहे हैं, लेकिन सरकार मांगों की अनदेखी करती रही है। ज्ञापन में कहा गया कि कभी घंटों तो कभी आधे घंटे क्रॉसिंग बंद से गंभीर रूप से बीमार मरीज को लेकर एम्बुलेंस रेल क्रॉसिंग जाम में फंस जाते हैं। इसके कारण मरीज क्रॉसिंग जाम पर तड़प तड़प कर दम तोड़ देते हैं।
अभी तक करीब दर्जन से अधिक मरीजों की मौत रेलवे क्रॉसिंग जाम में फंसकर हो गई है। वह अस्पताल पहुंच ही नहीं पाए, क्रॉसिंग जाम पर फंसकर बिमार व्यक्तियों की मौत होने की खबरें आये दिन देखने को मिलती है। प्रति दिन मरीज, एम्बुलेंस और लाखों राहगीर बुरी तरह प्रभावित हैं। फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण कर अभी भी कई जानें बचाई जा सकती हैं। इस संबंध में डीआरएम के पदनाम ज्ञापन यातायात निरीक्षक टोरी को भी उन्होंने सोंपा है।
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