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हरिहर क्षेत्र सोनपुर को जिला बनाने की मांग तेज, 28 वर्षों से संघर्ष, सरकार मौन

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र (हरिहरक्षेत्रपुरम) को जिला तथा सोनपुर को इसका मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर चल रहा जन-आंदोलन एक बार फिर मुखर हो गया है। पिछले 28 वर्षों से गांधीवादी तरीके से जारी यह संघर्ष अब अपने 29वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।

बताया जाता है कि हाल ही में बिहार सरकार द्वारा हरिहरनाथ कॉरिडोर, सेटेलाइट शहर, सड़क और रोप-वे जैसी परियोजनाओं की घोषणा से इस आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर जिला गठन की मांग अब भी जस की तस बनी है।

ज्ञात हो कि 9 अगस्त 1998 को गठित हरिहर क्षेत्र सोनपुर जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले यह आंदोलन लगातार जारी है। क्रांति दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को समिति के संयोजक अधिवक्ता विश्वनाथ सिंह ने जानकारी दी कि जब तक सोनपुर को पूर्ण जिला का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह जन-आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

समिति के अनुसार, हरिहर क्षेत्र को जिला बनाने के सभी भौगोलिक, प्रशासनिक और धार्मिक औचित्य मौजूद हैं। सोनपुर में पहले से ही अनुमंडल अस्पताल, कई महाविद्यालय, निबंधन कार्यालय, व्यवहार न्यायालय और रेल मंडल कार्यालय मौजूद हैं। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक सहित कई वित्तीय संस्थान कार्यरत हैं। एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला क्षेत्र, बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गंगा-गंडक संगम, गजेंद्र मोक्ष धाम, अंबिका स्थान आमी और कई अन्य प्राचीन मंदिर इस क्षेत्र की महत्ता को बढ़ाते हैं।

जिला बनाने की मांग को राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का भी भारी समर्थन हासिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, स्व. रामसुंदर दास और पूर्व उपमुख्यमंत्री राम जयपाल सिंह यादव ने लिखित समर्थन दिया था। सारण के वर्तमान सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह और बिहार सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह भी पूर्व में इस मांग का समर्थन कर चुके हैं।

पूर्व के धरना-प्रदर्शनों में अधिवक्ता अजय कुमार सिंह, सुनील कुमार श्रीवास्तव, वीर अभिमन्यु सिंह, अधिवक्ता विद्यासागर पांडेय, साहित्यकार कवि सीताराम सिंह, शालिग्राम सिंह अशांत, पत्रकार ठाकुर संग्राम सिंह जैसे सैकड़ों प्रबुद्ध जनों ने भाग लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से सौंपा था। वर्ष 1991 में अनुमंडल का दर्जा पाने वाला सोनपुर आज भी प्रशासनिक सुस्ती के कारण जिला बनने की बाट जोह रहा है। क्षेत्र की जनता और प्रबुद्धजनों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द हरिहर क्षेत्र को जिला घोषित करे।

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