एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। कहानिका हिंदी पत्रिका के यूपी अध्याय द्वारा बीते 9 अगस्त की संध्या सावन में शिव और जश्न-ए-आजादी विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय अध्याय द्वारा आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन गूगल मिट पर किया गया था। उक्त जानकारी पत्रिका के प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने 10 अगस्त को दी।
आभाषी कवि सम्मेलन का मंच संचालन डॉ विभा तिवारी और नावेद रजा दुर्गावी ने किया। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में बाँदा यूपी कर पूर्व सैन्य अधिकारी राजेंद्र तिवारी स्वदेश, विशिष्ट अतिथि अंतर्राष्ट्रीय संयोजक दुबई जय कृष्ण मिश्रा,
अंतर्राष्ट्रीय सह संपादक आबुधाबी सत्येंद्र नाथ गुप्ता और बनारसी के पूर्व सैन्य अधिकारी चिदानंद पांडेय चिद्रूप के अलावा केंद्रीय मीडिया प्रभारी कहानिका सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने भाग लिया। आयोजन की अध्यक्षता प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने किया।
इस अवसर पर सरस्वती वंदना मधुमिता साहा (उप – संपादक झारखंड अध्याय), गणेश वंदना रजनी कटारे (राज्य प्रभारी मध्य प्रदेश अध्याय,जबलपुर), देवी गीत श्याम कुंवर भारती, स्वागत गीत डॉ दीप्ति खरे मंडला मध्य प्रदेश और स्वागत भाषण डॉ विभा तिवारी जौनपुर यूपी ने किया। उद्घाटन बाद मुख्य अतिथि राजेंद्र तिवारी स्वदेश ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्था के कार्यों की सराहना की। सभाध्यक्ष भारती ने कहानिका के कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संस्था का अगला ऑफलाइन कवि सम्मेलन आगामी 26 सितंबर को जम्मू कश्मीर में होगा।
कहा कि दुबई का आयोजन भारतीय दूतावास से सहमति मिलने के बाद घोषित की जाएगी। कहा कि पत्रिका के डिजिटल अंक का लिंक पर्यावरण विशेषांक शीघ्र ही सभी पाठकों और सदस्यों को भेजा जाएगा। कहा कि साहित्यिक प्रतियोगियों में प्राप्त कविताएं, कहानियां और लघु कथाओं का संकलन पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है। जिसका विमोचन जम्मू कश्मीर के कवि सम्मेलन में किया जाएगा। कहा कि सावन महीने में महिलाओं के लिए मेहंदी और सौंदर्य प्रतियोगियों का आयोजन किया जाएगा।
बताया गया कि प्रधान संपादक भारती द्वारा शीघ्र ही रचित कहानी जूही की महक पर सीरियल निर्माण और भोजपुरी कहानी घुरहू की मेहरारू मुखियाइन पर भोजपुरी फिल्म निर्माण की तैयारी प्रारंभ की जाएगी। संस्था के सभी सदस्य साहित्यकार अपनी सार्थक और उद्देश्यपूर्ण रचना कार्य करते रहे जो भविष्य में मिल का पत्थर बने। इस अवसर पर आयोजित ऑनलाइन काव्य पाठ में जिन कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से सावन की हरियाली और देशभक्ति से सराबोर कर तालियां बटोरा, उनमें से मुख्य रूप से मधुमिता साहा, डॉ दिवाकर पाठक, सीमा कुमार, निर्मला सिंह, अनिल पाठक ‘अतुल्य’, चेतना यादव, निर्मला कर्ण, रश्मि सिन्हा, जय कृष्ण मिश्रा, सत्येंद्र नाथ गुप्ता, श्याम कुंवर भारती आदि ने भोजपुरी कजरी लोक गीत, शिव वंदना और देश भक्ति गीत मेरी रंग दे रंगरेज चुनर हिंदुस्तानी काव्य पाठ कर सबको वाह वाह करने पर बाध्य कर दिया।
वही सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बेहद ओज पूर्ण काव्य पाठ किया इसके अलावा अंशिका श्रीवास्तव व् डॉ विभा तिवारी ने अपनी मधुर और मखमली आवाज में कई बेहतरीन ग़ज़लें पढ़कर महफ़िल में चार चांद लगा दिया। नावेद रजा दुर्गावी, रजनी कटारे हेम, नीरू कालरा, डॉ दीप्ति खरे मंडला, राजेंद्र तिवारी स्वदेश और चिदानंद चिद्रूप पांडेय ने देशभक्ति काव्य पाठ से सबके रगो में जोश भर दिया। कार्यक्रम के अंत में जय कृष्ण मिश्रा ने सभी प्रतिभागी कवियों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन देकर सभा की समाप्ति की घोषणा की।
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