रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले के कसमार प्रखंड की होनहार छात्रा छोटी नायक, जिन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा में झारखंड स्टेट टॉपर बनकर पूरे जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया, अब आर्थिक तंगी के कारण अपनी उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगी। रांची कॉलेज में नामांकन के बाद छात्रावास की ₹16,000 की वार्षिक फीस जमा करने में असमर्थ परिवार के लिए यह राशि बड़ी चुनौती बन गई थी।
इस बात की जानकारी मिलने पर जिला परिषद उपाध्यक्ष बबीता कुमारी ने मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से छात्रा एवं उसके परिजनों को बुलाया। उन्होंने अपने निजी खर्च से पूरे एक वर्ष का छात्रावास शुल्क उपलब्ध कराया, ताकि छोटी नायक बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
इस अवसर पर बबीता कुमारी ने छात्रा का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्थिक अभाव किसी भी मेधावी छात्र-छात्रा के सपनों के बीच दीवार नहीं बनना चाहिए। जिला परिषद उपाध्यक्ष बबीता कुमारी ने कहा, “छोटी नायक जैसी बेटियां पूरे झारखंड का गौरव हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। लेकिन कई बार आर्थिक कठिनाइयां बच्चों के सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।

मेरा मानना है कि यदि समाज सक्षम बच्चों का हाथ थाम ले, तो कोई भी प्रतिभा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगी। मैंने केवल अपना सामाजिक दायित्व निभाया है। छोटी नायक की पढ़ाई आर्थिक कारणों से कभी नहीं रुकेगी। भविष्य में भी यदि शिक्षा के लिए किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की आवश्यकता होगी, तो मैं हर संभव सहयोग करूंगी। शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। हमारी कोशिश रहेगी कि बोकारो की हर बेटी और हर बेटा अपने सपनों को साकार कर सके।”
उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि वे जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों की सहायता के लिए आगे आएं, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। छोटी नायक के परिवार ने जिला परिषद उपाध्यक्ष बबीता कुमारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ऐसी संवेदनशील पहल समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का मनोबल भी बढ़ाती है।
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