बरवाबेड़ा सिफ्टिंग करने को ले फ्लोटिंग करने पहुंचे अधिकारियों का रैयतों द्वारा विरोध
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के खासमहल फेस टू परियोजना के खाली जमीन में बरवाबेड़ा गांव को बसाने को ले 16 जुलाई को सीसीएल अधिकारियों का दल, सीआईएसएफ, सुरक्षा गार्डों के साथ फेसटू कॉलोनी फ्लोटिंग करने पहुंचे। जहां गोविंदपुर मौजा के रैयतों ने जमकर विरोध शुरू करते हुए नारेबाजी करने लगे।
बताया जाता है कि रैयत विस्थापितों के विरोध को देखते हुए सीसीएल अधिकारियों का दल फ्लोटिंग कार्य किए बगैर वापस लौटने को मजबूर हो गए। इस बावत विस्थापितों का कहना है कि सीसीएल ने वर्ष 1974 में 178 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया था। जिसमें 84 रैयतों को नियोजन देना था, परंतु सिर्फ 63 विस्थापित को ही नौकरी दिया गया। अभी 21 विस्थापित का नियोजन देना बाकी है। कहा गया कि सीसीएल अगर नियोजन नहीं देगी तो रैयतों की जमीन वापस करे।
वही सीसीएल अधिकारियों का कहना है कि नियमत: सभी रैयतों को नियोजन एवं मुआवजा दे दिया गया है। अब बेवजह सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाया जा रहा है। इस अवसर पर सीसीएल प्रबंधन की ओर से परियोजना पदाधिकारी सुमेधा नन्दन, प्रबंधक संजय कुमार सिंह, नोडल अधिकारी दीपक कुमार, एरिया सिक्यूरिटी इंचार्ज पीएन सिंह, रमेश कुमार, जमील अहमद, पुष्पेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे। वहीं विस्थापित प्रतिनिधियों की ओर से विस्थापित नेता सह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, जिप सदस्य शहजादी बानो, दशरथ महतो, जलेश्वर महतो, मंजूर आलम, डब्बू अंसारी, लतीफ अंसारी, दीपक महतो, रेयान अंसारी सहित कई विस्थापित प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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