एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो के विशेष न्यायाधीश, पोक्सो कोर्ट सह अपर एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय देवेश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने पोक्सो मामले में आरोपी सौतेले पिता को सबूतों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। उक्त जानकारी व्यवहार न्यायालय बोकारो के वरीय अधिवक्ता रणजीत गिरि ने 8 जुलाई को दी। उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपी को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं।
ज्ञात हो कि, उक्त मामला पोक्सो केस नंबर 63/25 से संबंधित है। पीड़िता ने माराफारी थाना क्षेत्र में अपने सौतेले पिता शाहनवाज अहमद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करायी थी। अदालत में आरोपी शाहनवाज अहमद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रणजीत गिरि ने जोरदार बहस की। उन्होंने मामले में सबूतों की कमी को रेखांकित करते हुए बरी किए जाने की मांग की। अदालत ने गिरि की बहस सुनने के बाद आरोपी को बरी करने का आदेश दिया है।
विशेष न्यायाधीश, पोक्सो कोर्ट सह अपर एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय देवेश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सबूत मामले को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी किया गया। आरोपी के परिजनों ने फैसले का स्वागत किया है।
माराफारी थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने अपने सौतेले पिता पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके आधार पर मुकदमे की सुनवाई हुई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि मामले में आरोप साबित नहीं हो सका।
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