रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। चिन्मय मिशन के स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव के तहत निकाली जा रही अमृत यात्रा का 3 और 4 जुलाई को बोकारो में भव्य स्वागत किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर चिन्मय विद्यालय बोकारो और चिन्मय मिशन परिवार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली है।
यह यात्रा 295 दिनों में लगभग 35 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए विभिन्न शहरों में गुरुदेव के विचारों का संदेश पहुंचा रही है। वहीं 3 जुलाई को बोकारो में शोभायात्रा के साथ इसका भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसमें हजारों भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
शोभायात्रा की शुरुआत जिला के हद में बालिडीह स्थित होली क्रॉस स्कूल के समीप से होगी, जो नया मोड़, बोकारो मॉल होते पीएनटी मोड़ तक पहुंचेगी। इसके बाद छऊ नृत्य की प्रस्तुति के साथ श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की पादुका को चिन्मय विद्यालय परिसर तक लाएंगे।
स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती ने इसे गुरुदेव के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का स्वर्ण अवसर बताया। वहीं विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय ने कहा कि यह यात्रा गुरुदेव के ज्ञान की गंगा का प्रतीक है। सचिव महेश त्रिपाठी ने इसे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया।
जानकारी देते हुए 2 जुलाई को विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा ने बताया कि इस अवसर विशेष पर विद्यालय परिसर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें रामायण का नाट्य रूपांतरण, हनुमान चालीसा पर नृत्य और पादुका पूजन शामिल है। कहा कि कार्यक्रम के समापन पर समष्टि भिक्षा का आयोजन किया जाएगा।
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