रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। मोहर्रम के दसवें दिन गमगीन माहौल के बाद 28 जून को कर्बला के शहीदों की याद में तीजा अकीदत और अदब के साथ मनाया गया।
बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के गररी, सुरजूडीह, बगियारी, नावाजारा, मंजुरा, बनकनारी, मधुकरपुर, कुरको, ललमटिया, खैराचातर, सोनपुरा सहित मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में तीजे के मौके पर फातेहा कुरान की तिलावत के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस दौरान शहीदों की आत्मा की शांति के लिए फातिहा ख्वानी की गयी।
तीजे के अवसर पर सुबह से इमामबाड़ों में कुराने पाक की तिलावत और फातिहा ख्वानी का दौर चलता रहा।अकीदतमंदों ने कर्बला के मैदान में भूखे-प्यासे शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की बारगाह में नज्र-ओ-नियाज पेश कर उनकी आत्मा की शांति और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। गररी के पूर्व सदर सह समाजसेवी मोहम्मद शेखावत अंसारी ने बताया कि मोहर्रम की 12वें तारीख को ही कर्बला के जांबाज़ शहीदों के पावन शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। इस दर्दनाक दास्तान को सुनकर मौजूद अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल या हुसैन’ की सदाओं से गूंज उठा।
जानकारी देते हुए अंसारी ने कहा कि कसमार प्रखंड प्रशासन एवं सभी के सहयोग से कसमार जैसे ग्रामीण क्षेत्र में मोहर्रम का त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन एवं प्रखंड प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जुलूस जैसे कार्यक्रमों में युवा पीढ़ी की काफी उपस्थित रहती है, जिसके कारण प्रशासन को इस पर समय से समझौता करने की मांग की गई है। इस दौरान हाजी दिल मोहम्मद अंसारी, हाजी यूसुफ अंसारी, मोहम्मद इरफान अहमद, आलटू अंसारी, मंजर इमाम, रिजवान अंसारी, ख्वाजा गुलाम, तबारक अंसारी, मिट्टू अंसारी, बबलू अंसारी आदि मौजूद थे।
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