एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सरकारी फाइलों, बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों के बीच 28 जून को झारखंड के मुख्यमंत्री (सीएम) हेमंत सोरेन का एक अलग चेहरा देखने को मिला। इस बार न कोई मंच, न भाषण और न ही सरकारी काफिले की भागदौड़। सीएम खुद कार की स्टीयरिंग संभालकर राजधानी रांची से जोन्हा फॉल की ओर निकल पड़े। उनके साथ उनकी विधायक पत्नी कल्पना सोरेन भी थी। रास्ते भर पहाड़, जंगल और हरियाली को निहारते सीएम मानो कुछ पल प्रकृति के साथ बिताना चाहते हो।
राजधानी रांची के जोन्हा फॉल पर आम दिनों की तरह ही सैलानियों की चहल-पहल थी। कोई झरने के पानी की बौछारें गिन रहा था, तो कोई सेल्फी लेने में मशगूल था। तभी वहां एक कार आकर रुकी और जैसे ही कार का दरवाजा खुला, वहां मौजूद तमाम सैलानी हैरान रह गए। सामने खुद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खड़े थे। सुरक्षा घेरे और प्रोटोकॉल से दूर, सीएम को अपने इतने करीब पाकर स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। पल भर में ही वहां का माहौल उत्साह से भर गया। सैलानियों के चेहरे की हैरानी जल्द ही मुस्कान में बदल गई।
बताया जाता है कि सीएम हेमंत सोरेन ने जोन्हा फॉल की खूबसूरत वादियों में कई घंटा बिताया। गिरते झरने की आवाज और चारों तरफ फैली घने जंगलों की हरियाली के बीच वे प्रकृति को करीब से महसूस करते दिखे। इस दौरान उन्होंने वहां मिल रहे स्थानीय फलों का भी स्वाद चखा। ज्ञात हो कि, जोन्हा फॉल की इस यात्रा का वीडियो सीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया। वीडियो की शुरुआत कार चलाते से होती है। सड़क के दोनों ओर फैले घने जंगल और खूबसूरत वादियों की ओर इशारा करते हुए सीएम कहते हैं कि यह हमलोगों का झारखंड है। इसके बाद उन्होंने अपने पोस्ट में झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को बेहद भावुक अंदाज में शब्द दिए। उन्होंने लिखा कि जहां जंगल जीवन हैं और झरने संगीत हैं, वहीं हरियाली की गोद में बसा झारखंड अपनी अलग पहचान रखता है।
उन्होंने बताया कि रांची से कुछ ही दूरी पर स्थित जोन्हा फॉल की वादियों में कुछ समय बिताने का अवसर मिला। इस दौरान स्थानीय फलों का स्वाद लिया और वहां के रहिवासियों से भी बातचीत की। सीएम ने लिखा कि निर्मल जलधारा, घने जंगलों की हरियाली और पहाड़ों की शांति बार-बार यह एहसास कराती है कि झारखंड प्रकृति का अनमोल उपहार है। यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर झारखंडी की साझी धरोहर है, जिसे सहेजना और सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
सीएम हेमंत सोरेन का यह दौरा सिर्फ एक निजी यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश भी बन गया। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी भी हिस्से में चले जाइए, प्रकृति अपने अलग-अलग रंगों में आपका स्वागत करती दिखाई देगी। कहीं ऊंचे-ऊंचे झरने हैं, कहीं घने जंगल, तो कहीं शांत पहाड़ियां सैलानियों को अपनी ओर खींचती हैं। उन्होंने देशभर के सैलानियों से झारखंड आने की अपील करते हुए कहा कि इस अनुपम धरती पर सभी का दिल से स्वागत है।
जोहार के साथ सीएम के इस संदेश में सिर्फ पर्यटन का प्रचार नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी और प्रकृति के प्रति गहरा लगाव भी साफ दिखा। सीएम का सहज और सादगी भरा अंदाज सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है। कईयों ने इसे झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया तक पहुंचाने की अच्छी पहल बताया, तो कई ने मुख्यमंत्री के आमजनों के बीच बिना औपचारिकता पहुंचने के अंदाज की सराहना की।
यात्रा के दौरान झारखंड की अद्वितीय छटा से अभिभूत होकर मुख्यमंत्री ने राज्य की प्राकृतिक संपदा की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जंगल जीवन हैं, झरने संगीत हैं और हरियाली की गोद में बसता हमारा झारखंड अद्वितीय है। राज्य की यह प्राकृतिक सुंदरता ही हमारी असली पहचान और ताकत है।
सीएम सोरेन ने इस दौरान संकेत दिए कि राज्य सरकार झारखंड के ऐसे प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। जोन्हा फॉल जैसे स्थलों को और अधिक पर्यटक-अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक झारखंड की इस अलौकिक खूबसूरती का दीदार सुरक्षित माहौल में कर सकें। मुख्यमंत्री का यह सादगी भरा अंदाज और खुद गाड़ी चलाकर जनता के बीच पहुंचना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
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