रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। जिला प्रशासन बोकारो द्वारा जिला परिषद परिसर में 9 जून को आम्रलिका (आम महोत्सव) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम उत्पादकों, बागवानी किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा कृषि आधारित उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और स्थानीय स्तर पर आम उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देना था।
महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा उपस्थित रहे। उनके साथ जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सफीक आलम, चास नगर निगम के मेयर भोलू पासवान, एसडीओ प्रांजल ढांडा, परियोजना पदाधिकारी रूपेश तिवारी सहित जिले के कई अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें स्थानीय किसानों और उत्पादकों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। आगंतुकों ने आम की विभिन्न किस्मों, उनकी विशेषताओं तथा उत्पादन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों एवं विपणन के संबंध में भी जानकारी दी गई।
मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को अपनी उपज के बेहतर विपणन का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि बोकारो जिले में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं और जिला प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर ध्यान देने की अपील की।
जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कृषि और बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे आयोजनों से किसानों को नई जानकारी मिलने के साथ-साथ उनके उत्पादों को पहचान भी मिलती है। उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। आम महोत्सव किसानों को बाजार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

चास के मेयर भोलू पासवान ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से क्षेत्र का आर्थिक विकास संभव है। उन्होंने आम उत्पादकों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। परियोजना पदाधिकारी रूपेश तिवारी ने कहा कि किसानों को बागवानी एवं प्रसंस्करण से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके उत्पादों की सराहना की। आम्रलिका महोत्सव को लेकर किसानों एवं आगंतुकों में उत्साह देखने को मिला।
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