रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। विश्व महासागर दिवस के अवसर पर प्राकृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय संस्था प्राकृतिक रक्षण के संस्थापक बबलू आनंद कुमार महतो ने महासागरों, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि महासागर केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि करोड़ों जीव-जंतुओं का घर और मानव जीवन का आधार हैं। कहा कि पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महासागरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से समुद्री जीवन के साथ-साथ मानव अस्तित्व भी प्रभावित हो रहा है।
पर्यावरणवीद बबलू आनंद ने कहा कि विश्व महासागर दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। उन्होंने आमजनों से अपील की कि वे जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सभी हैं, तभी मानव है। प्रकृति, जल, वन, वन्यजीव और समस्त जीव-जंतुओं की रक्षा करना ही सच्चा मानव धर्म है। यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण मिल सकेगा। अंत में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा पृथ्वी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
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