वक्ताओ ने कहा जगदेव बाबू के आदर्शों पर ही समतामूलक समाज की स्थापना संभव
प्रहरी संवाददाता/बोकारो। समाजिक समन्वय समिति बोकारो द्वारा 7 जून को बोकारो जिला के हद में चास में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी शहीद जगदेव प्रसाद के विचार और हमारा बहुसंख्यक समाज का को लेकर कुशवाहा भवन चास में आयोजित किया गया।
संगोष्ठी का उद्घाटन सभाध्यक्ष अधिवक्ता अशोक कुमार महतो, ललन आनंदकर, राम सागर दास, अवधेश कुमार सिंह, सुरेश बैठा, कुंवर सिंह कुशवाहा, रेणु प्रसाद, रामाश्रय प्रसाद, अधिवक्ता रविन्द्र प्रसाद सिंह आदि ने भारत के लेनिन अमर शहीद जगदेव बाबू के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित और माल्यार्पण कर किया।
इस संगोष्ठी के वक्ताओं ने जगदेव बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए उनके नारों और संदेशों का समाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव पर प्रकाश डाला। कहा कि जगदेव बाबू के नारे दो बातें हैं मोटी मोटी, सबको इज्जत सबको रोटी के माध्यम से जगदेव बाबू ने समाजिक विषमता को उजागर किया। कहा कि सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा है के नारे के माध्यम से अपनी राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी की बात कही। भारतीय समाज में जातिगत भेदभाव को मिटाने के लिए मानववाद की क्या पहचान, ब्रह्मण भंगी एक समान की वकालत किया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता संजय शान, मनोज कुमार, ए पी वर्मा, आर पी सिंहा, अधिवक्ता विरेन्द्र प्रसाद, अधिवक्ता धनजीत चौधरी, राम गहन सिंह, श्रीचंद प्रसाद, देव कुमार, रामा शंकर, सरयु प्रसाद, मीना बागी, रामजी रजक, सुखदेव रजक, लाल बाबु यादव, के ए पी वर्मा आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर समाजिक कार्यों में विशेष योगदान देने के लिए कई गणमान्य जनों को शहीद जगदेव बाबू सम्मान से सम्मानित किया गया। सभा का संचालन सुनील गांधी और ललन आनंदकर ने किया। संगोष्ठी को सफल बनाने में सुनील प्रसाद, धर्मेंद्र पटेल, अरविंद कुमार मेहता, अरुण कुमार सिंह, सिद्धार्थ, अखिलेश कुमार सिंह, अमरेंद्र कुमार सिंह, यशवंत सिंह आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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