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डीएम ने अस्पताल का निरीक्षण कर किया चिकित्सकों की नई कार्यसारणी जारी

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण के जिला पदाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव ने बीते 6 जून की देर शाम जिला के हद में अनुमंडलीय अस्पताल सोनपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, उपलब्ध संसाधनों, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की गहन समीक्षा में कई कमियां पाई गई।
अस्पताल व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई और सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश (अल्टीमेटम) दिया।

जानकारी के अनुसार ​निरीक्षण के दौरान डीएम के निर्देश पर अस्पताल के शिशु एवं नवजात देखभाल इकाई अब 24 घंटे चालू रहेगी। ​माता और नवजात शिशु देखभाल इकाई के निरीक्षण में पाया गया कि पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद उपचार परिचारिकाओं (नर्सिंग स्टाफ) की कमी के कारण यह इकाई पूरी तरह काम नहीं कर रही थी। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सिविल सर्जन) को निर्देश दिया कि योग्य सामान्य उपचार परिचारिकाओं (जीएनएम) की प्रतिनियुक्ति कर इस इकाई को 24 घंटे चालू रखा जाए। साथ ही, उपलब्ध 3 शिशु रोग विशेषज्ञों की कार्य-सारणी (रोस्टर) के आधार पर तैनाती के निर्देश दिए।

​निरिक्षण क्रम में अस्पताल में तैनात 17 चिकित्सकों के कार्य विभाजन की समीक्षा करते हुए नया ड्यूटी रोस्टर बनाने का निर्देश दिया गया। जिसमें प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कम से कम 4 चिकित्सक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। ​दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक 2 चिकित्सकों की तैनाती रहेगी। जबकि, ​रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक 2 चिकित्सक आपातकालीन और रात्रि सेवा में तैनात रहेंगे।

कहा गया कि ​मरीजों की सुविधा के लिए सभी चिकित्सकों के नाम, उनकी विशेषज्ञता और कार्य का समय बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) परिसर में बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, इस विभाग में वातानुकूलक (एसी) लगाने का भी निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान ​जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में होनी चाहिए। यदि किसी दवा की सरकारी आपूर्ति में देरी हो, तो नियमानुसार उसे बाजार से खरीदकर मरीजों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाए। साथ हीं अस्पताल की आवश्यक सामग्रियों की सूची बनाकर बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को भेजने का निर्देश भी दिया गया।

अनुमंडलीय ​अस्पताल परिसर में सार्वजनिक सुलभ शौचालय बंद पाए जाने और साफ-सफाई की स्थिति खराब होने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने​ शौचालयों की नियमित सफाई के लिए जीविका समूह या नगर परिषद के माध्यम से स्थायी व्यवस्था का निर्देश दिया। कहा कि ​चिकित्सकों के लिए अलग शौचालय का निर्माण कराया जाए। पूरे अस्पताल भवन की रंगाई-पुताई जल्द से जल्द कराई जाए।

डीएम श्रीवास्तव ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को अस्पताल के सभी उपकरणों की जांच करने को कहा, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।​ प्रसव के समय चेतना-हरण विशेषज्ञ (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ) की उपलब्धता अनिवार्य करने और खराब वातानुकूलक को तुरंत ठीक कराने का आदेश दिया।

​अल्ट्रासाउंड (ध्वनि-तरंग जांच) सेवा संसाधन होने के बाद भी कम मरीजों को लाभ मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रशिक्षित चिकित्सकों की तैनाती कर इसका दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया। अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा प्रहरियों की तैनाती करने और पेयजल के लिए नई पानी की टंकी लगाने को कहा।

​ ​निरीक्षण के अंत में जिला पदाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक को सभी निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन करने और जल्द अनुपालन प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया। औचक निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सोनपुर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और विश्व स्वास्थ्य संगठन के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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