अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। रिंग बांध बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 7 जून को सारण जिला के हद में सोनपुर अंचल के सबलपुर पछियारी पंचायत में नया बाजार के पश्चिम चल रहे कटाव निरोधक स्थल पर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने कार्य में बरती जा रही अनियमितता और कछुआ गति के खिलाफ नुक्कड़ नाटक, जोगीरा, मानव श्रृंखला और सांकेतिक जल सत्याग्रह (जल समाधि) के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।
ज्ञात हो कि यह अद्भुत दृश्य उस आक्रोश का प्रतिफल था, जिसमें ग्रामीणों ने सरकार से मांगी थी रिंग बांध और बीते वर्षों की तरह थमा दिया गया बोल्डर पीचिंग का झुनझुना। ग्रामीण बताते हैं कि इस दियारे में लकड़ी के पीलर, बोल्डर पीचिंग, बोरी में बालू भरकर किनारे रखना, लोहे के जालियों के भीतर बोल्डर रखना सब विफल साबित हुआ है। कहा गया कि गंगा तट पर इस बार भी बोल्डर पीचिंग कार्य का शुभारंभ हुआ है पर उसकी न सिर्फ कार्य की रफ्तार धीमी है, बल्कि कार्य में भी अनियमितता बरती जा रही है। यही वजह है कि अभी प्रतीकात्मक विरोध जताने के लिए गंगा नदी के उफनते पानी में आधा दर्जन युवाओं ने उतरकर सांकेतिक जल समाधि ली।
इस संवेदनशील प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी ओर से गोताखोरों और नावों को मुस्तैद रखा था, ताकि कोई अनहोनी की घटना से बचा जा सके। जल सत्याग्रह करने वालों में संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष अविनाश कुमार उर्फ सोनू, आयुष राज, सुधीर कुमार, अनिल राय और बिट्टू कुमार सहित सबलपुर के अन्य ग्रामीण रहिवासी शामिल थे।

इसके साथ ही उपस्थित जनसमुदाय ने एक-दूसरे का हाथ थामकर मानव श्रृंखला बनाई और व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की। गंगा नदी कटाव स्थल पर आयोजित धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार व प्रशासन की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून सिर पर है और पूरे दियारा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वक्ताओं ने कहा कि पिछले वर्ष सबलपुर पश्चिमी पंचायत के पछियारी टोला में भीषण कटाव हुआ था, जिसमें एक मकान गिरने से दो महिलाओं की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। उस समय भी ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन ने रिंग बांध को स्वीकृति देने के बजाय महज बोल्डर पिचिंग का खानापूर्ति काम शुरू करा दिया।
समिति का आरोप है कि इस कार्य की गति न सिर्फ बेहद धीमी है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता भी बरती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार रिंग बांध नहीं बना, तो गंगा का बहाव कई टोलों को नक्शे से मिटा देगा।
तंज कसते जोगीरा के बोल: जनता जागी तब समझ में आई
धरना-प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था पर तंज कसते जोगीरा के बोल हवा में तैरते रहे, जिसने स्थानीय रहिवासियों को उद्वेलित कर दिया। कटाव, टेंडर, फाइल, मीटिंग सबके अलग बहार, जनता जागी तब समझ में आई, सच के असली सार…। सबलपुर मध्यवर्ती पंचायत के उप-मुखिया सतीश कुमार, नवीन शर्मा, महेश शर्मा सहित अन्य नेताओं ने जोगीरा के माध्यम से जनता को एकजुट किया। प्रदर्शनकारियों ने संवेदक (ठेकेदार) एवं प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कार्य में तेजी एवं पारदर्शिता नहीं लाई गई तो आंदोलन और उग्र होगा। सभा की अध्यक्षता कर रहे शाहपुर के पूर्व मुखिया धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि यह केवल कटाव का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के अस्तित्व, घर और भविष्य की लड़ाई है। उनका कहना था कि संवेदक पर्याप्त संसाधनों के साथ तीव्र गति से गुणवत्तापूर्ण कार्य करे, अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
गौरतलब है कि एक दिन पुर्व ही बीते 6 जून को सारण डीएम ने कटाव निरोधक कार्य स्थल का जायजा लेकर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने जब तक हक की लड़ाई अधूरी है, तब तक संघर्ष हमारा जारी है के गगनभेदी नारों के साथ अंतिम सांस तक एकजुट रहने का संकल्प लिया।
![]()













Leave a Reply