Advertisement

ग्रीष्मावकाश में शिक्षा की अलख जगा रही टॉपर छात्राएं, दे रही नि:शुल्क शिक्षा

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। यहां के विद्यार्थी और शिक्षक अपनी मेहनत, अनुशासन एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं।

इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) की इंटरमीडिएट कला संकाय में बोकारो जिले की पूर्ववर्ती टॉपर छात्रा पायल मुखर्जी एवं पलक मुखर्जी ग्रीष्मावकाश के दौरान समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शिक्षा दान का प्रेरणादायक अभियान चला रही हैं।
प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित अपने आवास पर दोनों मेधावी छात्राएं प्रतिदिन संध्या समय आसपास के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं।

अनंत कुमार मुखर्जी एवं रुमा देवी की पुत्रियां पायल और पलक प्रतिदिन नियमित रूप से एक-एक घंटे का समय देकर बच्चों को अक्षर ज्ञान, वर्णमाला, संख्या बोध, सामान्य ज्ञान, सुलेख, पर्यावरण अध्ययन एवं अन्य बुनियादी विषयों की जानकारी दे रही हैं। उनके इस प्रयास से छोटे बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ रही है तथा अभिभावक भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं।

इस अवसर पर पीएमश्री एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय कसमार के वरीय शिक्षक डॉ अवनीश कुमार झा 6 जून को छात्राओं का उत्साहवर्धन करने उनके आवास पहुंचे। उन्होंने दोनों छात्राओं को पौधा भेंटकर सम्मानित किया तथा उनके सामाजिक सरोकार और शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। साथ ही उपस्थित विद्यार्थियों को भी उत्तर पुस्तिका एवं लेखनी प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाया।

इस अवसर पर डॉ अवनीश कुमार झा ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सबसे सशक्त साधन है। पायल और पलक जैसी मेधावी छात्राएं जिस प्रकार अपने अवकाश का उपयोग छोटे बच्चों को शिक्षित करने में कर रही हैं, वह अनुकरणीय है। इससे न केवल बच्चों का बौद्धिक विकास होगा बल्कि उनमें सीखने की सकारात्मक आदत भी विकसित होगी।

उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान के साथ-साथ भाषा ज्ञान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ भविष्य के उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ाती है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम पांच अंग्रेजी शब्द शब्दकोश से लिखे, उनका अर्थ जाने और उन शब्दों का प्रयोग वाक्य निर्माण में करे। यह अभ्यास भाषा दक्षता को मजबूत बनाने में अत्यंत सहायक होगा। उन्होंने कहा कि समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे आकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना चाहिए।

कहा कि यदि शिक्षित युवा अपने आसपास के कुछ बच्चों को पढ़ाने का संकल्प ले, तो शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार संभव है। पायल और पलक की यह पहल अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ अंग्रेजी भाषा के महत्व, अध्ययन की आदतों तथा बेहतर भविष्य के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विस्तृत संवाद भी किया गया। वातावरण उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक रहा।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *