एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। गिरिडीह के पुर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय ने 6 जून को सीसीएल मुख्यालय रांची में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) से मुलाकात कर ढोरी, कथारा एवं बीएंडके क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। इस दौरान उन्होंने संबंधित समस्याओं से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
पुर्व सांसद के निजी सचिव मृत्युंजय पांडेय ने जानकारी देते हुए कहा कि पुर्व सांसद पांडेय ने सीएमडी को सौंपे गये अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि उन्होंने पूर्व में भी बीते वर्ष 15 मई 2025 एवं 30 अप्रैल 2026 को संबंधित मुद्दों को लेकर सीसीएल प्रबंधन को पत्र प्रेषित किया था, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इसे खेदजनक बताते हुए जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में पूर्व सांसद पांडेय ने भीषण गर्मी को देखते हुए बेरमो कोयलांचल के ढोरी, कथारा एवं बीएंडके क्षेत्र में सीसीएल अथवा अन्य योजनाओं के तहत लगाए गए डीप बोरिंग, वाटर कूलर प्यूरीफायर एवं सीसीएल कॉलोनियों में पेय जलापूर्ति की जांच कर उन्हें तत्काल चालू कराने की मांग की। साथ ही कॉलोनियों एवं आस पास के क्षेत्रों में नालियों की सफाई तथा कर्मचारियों एवं आम रहिवासियों की अन्य समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने सीसीएल के कथारा क्षेत्र से सटे गोमिया इंटर कॉलेज स्वांग के लिए पूर्व में दिए गए सांसद मद से स्कुल बस जो 2 माह से मरम्मत के अभाव में खड़ी है, को छात्र – छात्राओं के सुविधा हेतु मरम्मत कराने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने बीएंडके क्षेत्र अंतर्गत लंबित डीआरडीए परियोजना को भी अविलंब शुरू कराने, ढोरी क्षेत्र के अंगवाली माइंस, पिछरी माइंस विभागीय स्तर पर चालू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा भूमि भी प्रबंधन के अधीन है, इसलिए परियोजना को शीघ्र प्रारंभ कर क्षेत्र के विकास एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। साथ ही सीसीएल के छाई भरे माइंस जो बेकार पड़ा है, उसमे सोलर पावर प्लांट लगाया जाय।
भेंट में उन्होंने सीसीएल के सीएमडी से आग्रह किया कि जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व में भेजे गए पत्रों की प्रतिलिपि भी प्रबंधन को सौंपी।
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