अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 6 जून को सारण जिला के हद में आरुष गार्डन सोनपुर में एक भव्य कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय किसानों, स्वयं सहायता समूहों, जीविका दीदियों, बैंक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण ग्राहकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक महेन्द्र दोहरे ने की। वहीं, मुख्य अतिथि के रूप में सोनपुर की अनुमंडल पदाधिकारी स्निग्धा नेहा उपस्थित रहीं। इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल हेड राजीव रंजन सिन्हा, पुष्पेन्द्र तिवारी, सिवान के क्षेत्रीय प्रमुख रुद्र दत्त एवं सारण के डीपीएम अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र और बीमा दावों का भुगतान कार्यक्रम के दौरान कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन एवं स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को बीमा दावों की राशि का भुगतान भी किया गया।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कार्यक्रम में जीविका दीदियों को ₹400 करोड़ का चेक वितरित किया गया। यह राशि स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण महिला उद्यमियों को स्वरोजगार, सूक्ष्म उद्योग तथा आयवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदान की गई है। इसके अलावा, नारी शक्ति योजना के अंतर्गत एसएचजी सदस्यों को व्यक्तिगत वित्तीय सहायता भी दी गई। वहीं विश्व पर्यावरण सप्ताह के उपलक्ष्य में सराहनीय पहल करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और टाटा एआईए द्वारा संयुक्त रूप से जीविका दीदियों के बीच 500 पौधों का वितरण किया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली और पर्यावरण चेतना को बढ़ावा दिया जा सके।
कार्यक्रम में कृषक ऋण मोचन योजना में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स, डिजिटल एम्बेसडर्स और शुल्क आधारित आय में उत्कृष्ट योगदान देने वाली बैंक शाखाओं को सम्मानित किया गया। मौके पर कार्यपालक निदेशक महेन्द्र दोहरे ने कहा कि सेंट्रल बैंक ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कहा कि बैंक किसानों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु विभिन्न वित्तीय योजनाओं के माध्यम से लगातार सहयोग कर रहा है। एसडीओ स्निग्धा नेहा ने बैंक की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय समावेशन और ग्रामीण विकास में बैंकिंग संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों एवं जीविका समूहों से इन सरकारी व बैंकिंग योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन से किया गया।
![]()













Leave a Reply