प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली रहिवासी कुंवारी श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि का पार्थिव शरीर 4 जून को दिल्ली से जैनामोड़ लाया गया। वह रमेश कुमार बरनवाल की इकलौती पुत्री थीं।
बताया जाता है कि 4 जून की सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे जैसे ही शव उनके आवास पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं सैकड़ों रहिवासी शोक संतप्त परिजनों क़ो सांत्वना देने पहुंचे।
जानकारी के अनुसार श्रुतिका बरनवाल टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस 2024-26 बैच की छात्रा थी। बीते 3 जून की सुबह दक्षिणी दिल्ली के हौजरानी स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी नामक होटल में लगी आग में वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं, जिससे उसने असामयिक निधन हो गया था।
घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त हो गया। अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को चास स्थित गरगा नदी तट श्मशान घाट ले जाया गया, जहां परिजनों और स्थानीय गणमान्य जनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
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