टीम मृतका अनीता देवी के परिजनों से मिलकर वस्तुस्थिति से हुआ अवगत
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। कोयला कारोबार में खलल डालने पर गर्भवती महिला अनिता देवी की पीट पीटकर की गई हत्या कांड की सच्चाई जानने के लिए 4 जून को भाकपा माले नेताओं की फैक्ट फाइंडिंग टीम बोकारो जिला के हद में बेरमो थाना क्षेत्र के फुसरो नप ढोरी पांच नंबर धौड़ा स्थित मृतका के घर पहुंचा।
बताया जाता हैं कि मृतका के घर जूटे परिवार तथा आस पड़ोस के कई रहजवासियों से माले टीम ने पूछताछ की। रहिवासी जीरमतीया देवी, मृतका अनिता के पति महेश भुईयां समेत दर्जनों रहिवासियों से जानकारी हासिल कर भाकपा माले नेताओं ने जांच पड़ताल के बाद प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि बेरमो के फुसरो 5 नंबर धौड़ा में कोयला का अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है। इस अवैघ कारोबार में अधिकारी, नेता से लेकर प्रशासन तक हमाम में सब नंगे हैं। इस धंधे के कारोबार के हेड मुखिया को नाम से नहीं बॉस कहकर पुकारा जाता है। बॉस का जलवा ऐसा है कि किसी को भी कुछ भी कर दे, कोई सुनने वाला नहीं है।
माले नेताओं ने कहा कि मृतका अनीता देवी भी रेलवे साइडिंग के इसी मुहल्ले में रहती थी, जो पूरे मुहल्ले में ग्रेजुएशन (कॉमर्स) की एक मात्र पढ़ी लिखी महिला थी। वह शिक्षक बन कर गरीब दलित घरों में शिक्षा की ज्योत जलाने के इरादे से आगे बढ़ रही थी। सामाजिक गतिविधियों में भी इनकी भूमिका रहती थी। इनके गांव की ही सहेली यहां आकर कोयला चुनकर अपना जीविका चलाती थी। कहा गया कि घटना के दिन पहले कोयला चोर गिरोह की भिड़ंत अनीता की सहेली से ही हुई थी। उनको बचाने के लिए उनके साथ खड़ी होने की वजह से ही गिरोह के गुर्गे अनिता के साथ उलझ गए।
हल्ला सुनकर बचाने गए घर के सदस्यों के साथ भी मार पिटाई की गई। इसी दौरान कोयला चोर गिरोह के संजय भुईयां, अरविंद भुईयां, गणेश भुईयां, रोशन भुईयां, ओम कुमार भुईयां, सुनील भुईयां आदि ने गिरोह के सरगना के उकसाने पर मारपीट की जगह से थोड़ी दूर ले जाकर बेदम पिटाई की गई। अनीता के पेट पर लात घुसे से पिटाई की गई, जिससे गर्भवती अनीता के पेट में पल रहा बच्चे की भी मौत हो गई।
माले टीम द्वारा कहा गया कि इस तरह की घटना कोई नई घटना नहीं है। इसके पहले भी अनीता के ऊपर जान लेवा हमला हो चउकस था। कहा गया कि बिंदा यादव, आकाश रविदास द्वारा 5 नंबर धौड़ा की ही एक युवती को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने के कोशिश की गई थी। मुहल्ले के रहिवासी समय पर नहीं निकलते तो एक निर्भया की घटना बेरमो में भी होता। अनीता की मौत सामान्य घटना नहीं है, बल्कि संगठित अपराधिक गिरोह द्वारा योजना बद्ध तरीके से की गई हत्याकांड है। हत्यारों और कोयला चोरों का मुख्य सरगना संतोष साव है।
उसे संदेह का कोई लाभ दिए बिना कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में काले कारोबार का कोई बॉस संतोष जैसा पैदा ना हो सके। कहा गया कि बिना राजनीतिक संरक्षण या दबाव के दोषी हत्यारों पर कड़ी कार्रवाई हो। भाकपा माले इस मामले की पुलिस अधिकारियों के कार्यालय से लेकर न्यायपालिका तक गंभीरता के साथ सीधी निगरानी करेगी। दोषियों को सजा दिलाने में कोई भी कोताही हुई तो भाकपा माले आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
कहा गया कि भाकपा माले राज्य सरकार से मांग करती है कि संगठित अपराधिक गिरोह द्वारा गठित घटना जैसे मानव तस्करी के मामले में होती है, उसी तरह का लाभ मृतक अनीता के आश्रित को भी 25 लाख रूपये मुआवजा का भुगतान किया जाए। मामले में कोई कोताही या लापरवाही हुई तो बेरमो को कोयला चोरों से बचाने की मुहिम तेज होगा। फैक्ट फाइंडिंग टीम में भाकपा माले राज्य स्थायी कमिटी सदस्य कॉमरेड भूवनेश्वर केवट, जिला कमिटी सदस्य कॉ बालेश्वर गोप, मजदूर नेता कॉ बालगोविंद मंडल, कॉ राज केवट आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
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