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मुख्यमंत्री का छात्रों को इलेक्ट्रिक साइकिल देने का निर्णय स्वागत योग्य-विजय

कांग्रेस की मांग राज्य के विद्यालयों में हो अनिवार्य संविधान शिक्षा-प्रदेश प्रवक्ता

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा विद्यार्थियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को स्वागत योग्य कहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रही है। कहा कि राज्य के विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर इलेक्ट्रिक साइकिल उपलब्ध कराने का निर्णय समयानुकूल और दूरदर्शी पहल है। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। आवागमन अधिक सुगम होगा तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इससे काफी लाभ होगा।

नायक ने मुख्यमंत्री द्वारा विद्यालयों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसईआर) तथा जनगणना के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश को भी एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज के सबसे प्रभावी सूचना वाहक होते हैं। विद्यालयों में प्राप्त जानकारी को वे अपने परिवार, पड़ोस और समुदाय तक पहुंचाकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति व्यापक जनजागरण का कार्य कर सकते हैं। इससे नागरिक भागीदारी बढ़ेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, जनगणना और अन्य संवैधानिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता विकसित करना एक जिम्मेदार नागरिक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास आने वाली पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।

नायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि जिस प्रकार विद्यार्थियों को एसईआर और जनगणना के प्रति जागरूक करने की पहल की जा रही है, उसी प्रकार भारत के संविधान, उसके मूल सिद्धांतों, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों, सामाजिक न्याय, समानता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संबंध में भी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष अध्ययन और जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किए जाए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं और विद्यार्थियों को संविधान की गहरी समझ होना अत्यंत आवश्यक है। कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक आत्मा है। यदि नई पीढ़ी संविधान के मूल्यों को समझेगी, तो देश में सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक चेतना तथा लोकतांत्रिक संस्कृति और अधिक मजबूत होगी। नायक ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार शिक्षा, जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रसार के लिए लगातार सकारात्मक कदम उठाती रहेगी, जिससे राज्य के विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।

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