सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा सेल अस्पताल में 16 मई को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक मरीज को बिना ऑक्सीजन के राउरकेला (ओड़िशा) के आईजीएच अस्पताल रेफर किया जाने लगा। उपस्थित महिलाओं ने एंबुलेंस को रोक दिया और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों और स्थानीय महिलाओं का आरोप था कि गंभीर स्थिति में मरीज को बिना पर्याप्त चिकित्सा सुविधा के भेजना लापरवाही है।
बताया जाता है कि उक्त घटना की सूचना मिलते ही झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय और महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से तत्काल मरीज को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की स्थिति सामान्य है, इसलिए ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं समझी गई और उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर किया जा रहा था।

बताया जाता है कि डॉक्टरों के जवाब से असंतुष्ट यूनियन नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मरीज सामान्य है तो उसे बाहर रेफर करने की जरूरत ही क्या है, उसका इलाज गुवा अस्पताल में ही किया जाना चाहिए। काफी देर तक चले हंगामे और बहस के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को फिलहाल गुवा सेल अस्पताल में ही भर्ती रखकर इलाज जारी रखने का निर्णय लिया। इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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