एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में झारखंड जोन -आई के सात विद्यालयों के त्रि-दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ 15 मई को किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि डीएवी कथारा के प्राचार्य -सह झारखंड जोन -आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी. एन. खान थे।
कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात सभी आगंतुक डीएवी गान के साक्षी बने। सातों विद्यालयों के संगीत शिक्षकों ने मिलकर अतिथियों के स्वागत में कर्णप्रिय स्वागत गान प्रस्तुत किया।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2023 को लेकर शिक्षा में काफी बदलाव किए गये हैं। इन सुधारो को तीन शीर्षकों के अंतर्गत देखा जा सकता है- पाठ्यक्रम संबंधी सुधार, शिक्षण शास्त्रीय सुधार तथा मूल्यांकन संबंधी सुधार। उन्होंने कहा कि इन आमूल चूल परिवर्तनों से बच्चों का समग्र विकास होगा और प्रत्येक विद्यार्थी 21वीं सदी का कौशल सीख पाएगा। विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच तथा संचार कौशल का विकास होगा, जो उन्हें वैश्विक नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। कहा कि इससे देश को भी कई लाभ होंगे।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से भारत में मानव संसाधन विकसित होगा, राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय में संतोषजनक वृद्धि होगी। कहा कि आजादी के सौ साल बाद वर्ष 2047 में भारत विश्व पटल पर विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी छवि अंकित करेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रगति सिर्फ शिक्षा जैसे हथियार के माध्यम से ही संभव है। क्षेत्रीय पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षक के कंधे पर राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कहा कि शिक्षकों को पूर्ण रूप से समर्पित होकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए।
जानकारी देते हुए डीएवी कथारा के शिक्षक बी. के. दसौंधी ने बताया कि इस त्रि-दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला में जोन- आई के सात विद्यालयों के प्राचार्य सहित 350 शिक्षक -शिक्षिका भाग ले रहे हैं। कहा कि कार्यशाला की शुरुआत में सामान्य विषयों पर डेढ़ घंटे के सत्र लिए गए। यह सत्र सीबीएसई द्वारा प्रशिक्षित साधन सेवियों द्वारा लिए गए।
सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी ने अभिभावकों को शिक्षा के लिए शिक्षित करना विषय पर सत्र लिया। डीएवी जामताड़ा के वरीय शिक्षक शांतनु चक्रवर्ती ने जीवन कौशल एवं विद्यालय के वरीय शिक्षक नागेंद्र प्रसाद ने विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर सत्र लिया। दसौंधी ने बताया कि इन सत्रों के पश्चात एक-एक घंटे के विषय आधारित तीन अन्य सत्र आयोजित किए गए जिनका संचालन डीएवी सीएई द्वारा प्रशिक्षित किए गए प्रशिक्षकों द्वारा किया गया।
कहा कि गतिविधि आधारित, विद्यार्थी केंद्रित शिक्षा पर विस्तृत चर्चा की गई एवं इन्हें कक्षा में लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यशाला में डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारीदह के प्राचार्य रितेश कुमार, डीएवी पब्लिक स्कूल ललपनिया के प्राचार्य तन्मय बनर्जी, डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या स्तुति सिन्हा एवं डीएवी पब्लिक स्कूल दुग्दा के प्राचार्य प्रसेनजीत कुमार पॉल विशेष रूप से उपस्थित थे।

कार्यशाला के प्रथम दिवस के पूरे आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के एसटीएनसी नागेंद्र प्रसाद, डिप्टी एसटीएनसी पंकज कुमार एवं जितेंद्र दुबे, डॉ आर एस मिश्रा, असित कुमार गोस्वामी, आराधना, राकेश रंजन, बी के दसौंधी, वीणा कुमारी, रितेश कुमार, मधुमल्लिका उपाध्याय, खुशबू कुमारी, ओशीन, ममता पात्रा, आशा कुमारी, सुमन कुमारी, अर्शिया एजाज, मानसी सिन्हा, सुरभि दुबे सहित संपूर्ण विद्यालय परिवार की सराहनीय भूमिका रही।
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