विजय कुमार साव/गोमिया (बोकारो)। सबको रोता बिलखता छोड़कर पंचतत्व में विलीन हो गये गोमिया के लाल पुर्व मंत्री माधव लाल सिंह। राजकीय सम्मान के साथ 14 मई को बोकारो जिला के हद में साड़म बोकारो नदी तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में सूबे के मंत्री, जिला उपायुक्त सहित बड़ी संख्या में राजनेता, जनप्रतिनिधि सहित उन्हें जाननेवाले तथा ग्रामीण रहिवासी शामिल हुए। सभी की आंखे नम थी।
गोमिया क्षेत्र के रहिवासियों के प्रिय नेता, गरीब-गुरबों के मसीहा और बिहार-झारखंड के पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधवलाल सिंह 14 मई को पंचतत्व में विलीन हो गए। गोमिया प्रखंड के हद में साड़म स्थित बोकारो नदी तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पूर्व श्मशान घाट पर झारखंड पुलिस के सशस्त्र बलों ने दिवंगत नेता को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

मातमी धुन के बीच राजकीय सम्मान की प्रक्रिया पूरी होते ही समर्थकों का भावनाएं नम आंखों में उमड़ पड़ीं। पूरा साड़म क्षेत्र गोमिया का एक लाल कैसा हो, माधव लाल जैसा हो और माधव बाबू अमर रहें के नारों से गूंज उठा। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कई दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
इनमें झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा, एसडीपीओ बेरमों बीएन सिंह, बीडीओ गोमिया महादेव कुमार महतो, सीओ आफताब आलम, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कुमार महेश सिंह, झामुमो बोकारो जिलाध्यक्ष रतनलाल मांझी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र राज समेत कई वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहे।

दिवंगत माधवलाल सिंह को क्षेत्र में केवल राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े संवेदनशील अभिभावक के रूप में जाना जाता था। समर्थकों का कहना है कि वे हमेशा गरीबों की आवाज बनकर खड़े रहे। अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि गोमिया की जनता के दिलों में उनके प्रति कितना सम्मान और प्रेम रहा है।
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