रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक भारतमाला परियोजना के तहत बन रही सड़क पर निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही अब आम जनों की जान पर भारी पड़ने लगी है।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के बगीयारी मोड़ के समीप दिन के करीब 3 बजे ही ऐसा हाल हो जाता है मानो अंधेरा छा गया हो। दरअसल, उक्त सड़क पर उड़ रही भारी धूल के कारण सामने से आ रहा व्यक्ति हो या वाहन, कुछ भी स्पष्ट नजर नहीं आता।
स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि भारतमाला सड़क निर्माण के दौरान नियमों के अनुसार पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। पूरे इलाके में धूल ही धूल फैली रहती है, जिससे सांस की बीमारी, आंखों में जलन और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर महतो ने बयान देते हुए 5 फरवरी को कहा कि भारतमाला जैसी बड़ी परियोजना में यदि आम जनता की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो यह बेहद शर्मनाक है।
कहा कि बगीयारी मोड़ पर हालात इतने खराब हैं कि कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सड़क निर्माण कंपनी की होगी। जेएलकेएम बोकारो जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार महतो ने भी प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी केवल सड़क बनाने में लगी है, लेकिन धूल नियंत्रण और सुरक्षा मानकों की कोई परवाह नहीं की जा रही। प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। यदि समय रहते पानी का छिड़काव, संकेत बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो उनकी पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
नेताओं सहित स्थानीय रहिवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण स्थल पर नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक उपाय अपनाए जाएं। बगीयारी मोड़ जैसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की जाए। स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने अब भी गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह सड़क किसी बड़ी दुर्घटना का गवाह बन सकती है।
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