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करवट बदलती सदी-आमची मुंबई’ पुस्तक पर विमर्श

संवाददाता/ मुंबई। हिंदी भवन के महादेवी वर्मा कक्ष में मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित चर्चित लेखिका संतोष श्रीवास्तव की पुस्तक करवट बदलती सदी आमची मुंबई (Amchi Mumbai) के चर्चा विमर्श के दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष पद्मश्री रमेशचंद्र शाह ने कहा-” पुस्तक में जबरदस्त पाठकीय आकर्षण है। हाथ में किताब आते ही यह अपने को पढ़वा ले जाती है। ऐसा लगता है कि संतोष की कलम से मुम्बई ने अपनी आत्मकथा लिखवाई है। संतोष के पास एक कहानीकार की आंख है तो उन्होंने मुंबई के परिदृश्य को कहीं ज्यादा गहरे आत्मसात किया है।

मुख्य अतिथि डॉ. जवाहर कर्णावट ने कहा-“जब कोई मुंबई में रहकर उसको आत्मसात करता है तभी ऐसी सम्पूर्ण जानकारी युक्त पुस्तक लिख सकता है। यह मुंबई के लिए संपूर्ण संदर्भ पुस्तक है। सभी जानकारियों से परिपूर्ण। कार्यक्रम में सीहोर से आए प्रसिद्ध साहित्यकार मुकेश दुबे, अशोकनगर से आए जनवादी कवि सुरेंद्र रघुवंशी, वरिष्ठ लेखिका स्वाति तिवारी ने भी पुस्तक पर अपने अपने विचार व्यक्त किए। लेखिका संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि इस किताब को मुंबई की संपूर्ण जानकारी और पर्यटन का दस्तावेज बनाने में और शोध छात्रों के लिए संदर्भ ग्रंथ बनाने में मुझे 5 से भी अधिक साल लग गए।”

इस कार्यक्रम मेें स्वागत भाषण जया केतकी ने दिया। संचालन शशि बंसल ने और आभार विनीता राहुरीकर ने व्यक्त किया। बड़ी संख्या में भोपाल के साहित्यकारों, पत्रकारों और संपादकों की गरिमामय उपस्थिति दर्ज की गई।

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