रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। लोक आस्था के महापर्व छठ का दूसरा दिन 26 अक्टूबर को खरना के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु महिलाओं (व्रतीयों) ने संध्या समय गन्ने के रस, गुड़ और दूध से बने खीर-रोटी का प्रसाद ग्रहण कर भगवान भास्कर और माता छठी माई से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
खरना प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही व्रतीयों का 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ हो गया है, जो आगामी 28 अक्टूबर की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूरा होगा। इस दौरान श्रद्धालु बिना जल ग्रहण किए उपवास रखती हैं और पूरी आस्था, शुद्धता एवं संकल्प के साथ छठी माई की पूजा-अर्चना में लीन रहती हैं।
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